भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 को पूरे गौरव और भव्यता के साथ मनाने जा रहा है। इस अवसर पर कर्तव्य पथ, नई दिल्ली में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड देश की सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति और विकास की झलक पेश करेगी।
नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी, लेकिन इस बार दिल्ली की झांकी को इसमें स्थान नहीं मिला है। कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली इस परेड में 17 राज्यों और केंद्र सरकार के 13 विभागों की झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी। इस वर्ष परेड की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम एवं समृद्धि का मंत्र आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है। उल्लेखनीय है कि पिछले 20 वर्षों में दिल्ली की झांकी सात बार परेड का हिस्सा रही है, लेकिन इस बार दिल्ली सहित कुल 11 राज्यों की झांकियां परेड में शामिल नहीं होंगी।
गणतंत्र दिवस परेड 2026 की थीम, कितनी और किसकी झांकियां होंगी शामिल?
गणतंत्र दिवस 2026 की आधिकारिक थीम है – स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम एवं समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत। यह थीम भारत की आज़ादी के मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रही प्रगति को दर्शाती है। इस वर्ष परेड में कुल 30 झांकियां शामिल की गई हैं, जिनमें:
- 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां
- 13 केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों की झांकियां
इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां होंगी शामिल
- असम
- छत्तीसगढ़
- गुजरात
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू-कश्मीर
- केरल
- महाराष्ट्र
- मणिपुर
- नागालैंड
- ओडिशा
- पुडुचेरी
- राजस्थान
- तमिलनाडु
- उत्तर प्रदेश
- पश्चिम बंगाल
- मध्य प्रदेश
- पंजाब
केंद्र सरकार के ये विभाग परेड में लेंगे हिस्सा

- वायु सेना मुख्यालय
- नौसेना मुख्यालय
- सैन्य मामलों का विभाग
- संस्कृति मंत्रालय
- स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग
- आयुष मंत्रालय
- गृह मंत्रालय (NDMA–NDRF)
- गृह मंत्रालय (BPR&D)
- आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय (CPWD)
- सूचना और प्रसारण मंत्रालय
- पंचायती राज मंत्रालय
- विद्युत मंत्रालय
- कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
ये राज्य इस बार परेड में नहीं होंगे शामिल
इस वर्ष 11 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां परेड में शामिल नहीं होंगी:
- अरुणाचल प्रदेश
- मिजोरम
- त्रिपुरा
- सिक्किम
- मेघालय
- झारखंड
- गोवा
- दिल्ली
- कर्नाटक
- तेलंगाना
- आंध्र प्रदेश
गौरतलब है कि पिछले 20 वर्षों में दिल्ली की झांकी सात बार परेड में शामिल रही है, लेकिन इस बार उसे स्थान नहीं मिला। रक्षा मंत्रालय की स्क्रीनिंग समिति झांकियों के चयन के लिए एक विस्तृत और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाती है। इस समिति में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित कलाकार, विशेषज्ञ और पद्म पुरस्कार विजेता शामिल होते हैं।
पिछले दो वर्षों से यह नीति अपनाई जा रही है कि सभी राज्यों को बारी-बारी से अवसर मिले, ताकि राष्ट्रीय मंच पर समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। इसी कारण कुछ राज्यों की झांकियां इस बार चयनित नहीं हो पाईं।











