Groww Nifty PSE ETF लॉन्च कर निवेशकों को ₹500 से सरकारी कंपनियों में निवेश का मौका दिया। ETF निफ्टी PSE इंडेक्स को ट्रैक करेगा और 22 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक NFO खुलेगा।
Groww MF: ग्रॉ म्युचुअल फंड ने गुरुवार को Groww Nifty PSE ETF लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) है, जिसे निफ्टी PSE इंडेक्स (Nifty PSE Index TRI) को ट्रैक करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस स्कीम का न्यू फंड ऑफर (NFO) 22 जनवरी 2026 से शुरू हो गया है और 5 फरवरी 2026 को बंद होगा।
इस ETF के जरिए निवेशक निफ्टी PSE इंडेक्स में शामिल कंपनियों के शेयरों और उनसे जुड़े इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश कर सकते हैं। ETF इंडेक्स के समान अनुपात में पोर्टफोलियो तैयार करेगा, जिससे इंडेक्स के प्रदर्शन को दोहराने का लक्ष्य पूरा हो सके।
Groww Nifty PSE ETF की मुख्य जानकारी
फंड का नाम – Groww Nifty PSE ETF।
फंड टाइप – ओपन-एंडेड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड।
NFO ओपन डेट – 22 जनवरी 2026।
NFO क्लोजिंग डेट – 5 फरवरी 2026।
मिनिमम निवेश – ₹500, इसके बाद ₹1 के मल्टीपल में निवेश संभव।
एग्जिट लोड – कोई नहीं।
बेंचमार्क – Nifty PSE Index – TRI।
रिस्क लेवल – बहुत ज्यादा जोखिम (very high risk)।
फंड मैनेजर – निखिल सातम, आकाश चौहान और शशि कुमार।
यह ETF पैसिवली मैनेज्ड है और इसका उद्देश्य Nifty PSE इंडेक्स के प्रदर्शन को दोहराना है। स्कीम अपने पोर्टफोलियो का एक छोटा हिस्सा डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश कर सकती है ताकि SEBI के नियमों के अनुसार लिक्विडिटी बनाए रखी जा सके।
ETF मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होगा, जिससे निवेशक इसे बाजार समय के दौरान शेयरों की तरह खरीद और बेच सकेंगे। सेकेंडरी मार्केट में पर्याप्त लिक्विडिटी सुनिश्चित करने के लिए मार्केट मेकर्स की नियुक्ति भी की जाएगी।
PSE कंपनियां क्यों महत्वपूर्ण हैं
भारत की पब्लिक सेक्टर कंपनियों (PSE) का देश की आर्थिक वृद्धि और निवेश चक्र में अहम योगदान है। इन कंपनियों के पास बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का लंबा अनुभव, मजबूत तकनीकी क्षमता और वित्तीय स्थिरता होती है। साथ ही, ये कंपनियां सरकार की विकास योजनाओं के अनुरूप काम करती हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा उत्पादन और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्र इन कंपनियों की प्रमुख जिम्मेदारी हैं। निफ्टी PSE इंडेक्स इन्हीं सेक्टरों का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें केंद्र या राज्य सरकार की बहुलांश हिस्सेदारी वाली अधिकतम 20 लिस्टेड कंपनियां शामिल होती हैं। ये कंपनियां निफ्टी 500 में से फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर चुनी जाती हैं। इंडेक्स को साल में दो बार रीबैलेंस किया जाता है।
ग्रॉ म्युचुअल फंड के सीईओ वरुण गुप्ता का कहना है कि भारत की पब्लिक सेक्टर कंपनियां लंबी अवधि के इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक परियोजनाओं में अहम भूमिका निभाती हैं। इनके पास दशकों का अनुभव, विशेषज्ञता और लंबी अवधि के दृष्टिकोण के कारण बड़े और रणनीतिक प्रोजेक्ट्स को संभालने की अनोखी क्षमता है। वर्षों में इस सेगमेंट की बुनियादी ताकत बेहतर हुई है और मूल्यांकन अन्य मार्केट सेगमेंट की तुलना में संतुलित है।
निवेशकों के लिए अवसर
Groww Nifty PSE ETF उन निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकता है, जो लॉन्ग टर्म में कैपिटल ग्रोथ चाहते हैं। यह स्कीम पारदर्शी और नियम-आधारित इंडेक्स के जरिए भारत की लिस्टेड पब्लिक सेक्टर कंपनियों में निवेश का अवसर देती है।
ETF में निवेश से निवेशक भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश आधारित विकास चक्र का लाभ उठा सकते हैं। स्कीम के पैसिव निवेश दृष्टिकोण से लंबी अवधि के लिए निवेश करना आसान हो जाता है। निवेशक को इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव को सहन करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
छोटे निवेशकों के लिए आसान एंट्री
इस स्कीम का न्यूनतम निवेश ₹500 है। इसके बाद ₹1 के मल्टीपल में निवेश करना संभव है। इससे छोटे निवेशक भी सरकारी कंपनियों में निवेश करके लंबी अवधि में लाभ हासिल कर सकते हैं। एग्जिट लोड नहीं होने से निवेशकों को अतिरिक्त शुल्क से राहत मिलती है।
ETF का लिक्विडिटी मैकेनिज्म और मार्केट मेकर्स की नियुक्ति इसे सेकेंडरी मार्केट में खरीदी और बिक्री के लिए आसान बनाती है। निवेशक इसे शेयरों की तरह बाजार समय के दौरान ट्रेड कर सकते हैं।












