हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर साइबर अटैक, स्टूडेंट्स और डोनर्स का डेटा हुआ लीक, जानिए पूरा मामला

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर साइबर अटैक, स्टूडेंट्स और डोनर्स का डेटा हुआ लीक, जानिए पूरा मामला

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर साइबर अटैक हुआ, जिसमें स्टूडेंट्स, डोनर्स और फैकल्टी का डेटा लीक हुआ। यूनिवर्सिटी ने तुरंत सुरक्षा बढ़ाई और जांच शुरू की। हैकिंग से वित्तीय धोखाधड़ी और पहचान चोरी का खतरा बढ़ गया है।

US News: अमेरिका की प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी एक बार फिर साइबर अटैक की चपेट में आ गई है। हैकरों ने यूनिवर्सिटी के पुराने स्टूडेंट्स, डोनर्स और फैकल्टी के डेटाबेस में सेंधमारी की। रिपोर्ट के अनुसार, हैकिंग के दौरान फोन फिशिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया। यूनिवर्सिटी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर की एक्सेस को हटाया और भविष्य में अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए।

कौन-कौन से डेटा हुए लीक

हार्वर्ड ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि इस साइबर अटैक में व्यक्तिगत संपर्क जानकारी, दान की जानकारी और धन उगाहने तथा पूर्व छात्रों की भागीदारी से जुड़े अन्य डेटा शामिल हैं। इस डेटा में छात्रों और डोनर्स से जुड़ी संवेदनशील जानकारी होने के कारण यूनिवर्सिटी ने इसे गंभीर माना।

तुरंत की गई सुरक्षा कार्रवाई

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग के संचार निदेशक टिम बेली ने कहा, "हमने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर की यूनिवर्सिटी सिस्टम तक पहुंच को हटा दिया और आगे अनधिकृत एक्सेस को रोकने के लिए कदम उठाए।" उन्होंने यह भी बताया कि यूनिवर्सिटी इस मामले की जांच के लिए तृतीय-पक्ष साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।

आइवी लीग स्कूलों पर बढ़ते साइबर हमले

हार्वर्ड का यह साइबर अटैक इस साल का दूसरा मामला है। आइवी लीग स्कूलों पर हाल के महीनों में साइबर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे पहले प्रिंसटन विश्वविद्यालय में 15 नवंबर को पुराने छात्रों, दानदाताओं और छात्रों के डेटा में सेंधमारी हुई थी। यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेनसिलवेनिया में भी 31 अक्टूबर को स्टूडेंट्स और पूर्व छात्रों के डेटा को निशाना बनाया गया।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका की सबसे पुरानी और सबसे अमीर यूनिवर्सिटी मानी जाती है। ऐसे में इसकी सुरक्षा और डेटा की रक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि यूनिवर्सिटी ने कहा कि उन्होंने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं, लेकिन इस तरह के लगातार हमले यह संकेत देते हैं कि उच्च शिक्षा संस्थानों को साइबर सुरक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

डेटा चोरी के संभावित प्रभाव

इस साइबर अटैक के कारण डोनर्स और स्टूडेंट्स की व्यक्तिगत जानकारी लीक होने से वित्तीय धोखाधड़ी, पहचान चोरी और अन्य साइबर खतरों का खतरा बढ़ सकता है। यूनिवर्सिटी ने प्रभावित व्यक्तियों को सचेत करने के लिए नोटिस जारी किया है और उन्हें सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है।

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