हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने सोमवार (24 नवंबर) को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की। इस बैठक में कुल 64 एजेंडा आइटम पर चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई।
शिमला: हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की सोमवार (24 नवंबर) को अहम बैठक हुई। शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई इस बैठक में 64 एजेंडा आइटम पर चर्चा की गई। कैबिनेट ने आपदा प्रभावितों की राहत राशि में 1 लाख रुपये की बढ़ोतरी की, जिससे राहत राशि 7 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये हो गई है।
आग लगने की घटनाओं में घर पूरी तरह जलने पर भी सरकार 8 लाख रुपये मुआवजा देगी। इसके अलावा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में 1800 खाली पदों को भरा जाएगा।
आपदा प्रभावितों की राहत राशि 8 लाख हुई
कैबिनेट ने निर्णय लिया कि हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा या आग जैसी घटनाओं में प्रभावितों को राहत राशि 7 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपए की जाएगी। अब आग लगने की घटनाओं में यदि घर पूरी तरह जल जाता है, तो प्रभावित परिवार को 8 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। यह कदम आपदा प्रभावितों के जीवन को जल्दी से पुनःस्थापित करने और उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
राज्य सरकार का यह निर्णय हिमाचल में हाल ही में हुई आपदाओं और आग की घटनाओं को देखते हुए लिया गया है। राहत राशि बढ़ने से प्रभावित परिवारों को अपने जीवन और आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में नई वैकेंसी

कैबिनेट ने स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में खाली पदों को भरने की मंजूरी भी दी। इसके तहत:
- स्वास्थ्य विभाग में 1000 रोगी मित्र की भर्ती की जाएगी।
- पुलिस विभाग में 800 कांस्टेबल पद भरे जाएंगे।
- इसके अतिरिक्त, सिविल इंजीनियर के 150 पद भी भरे जाएंगे।
कुल मिलाकर लगभग 2,000 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इससे न केवल विभागों की कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
पंचायती राज का पुनर्गठन
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों को लेकर चल रही सियासी हलचल के बीच कैबिनेट ने पंचायतों के पुनर्गठन को मंजूरी दी। हालांकि, पंचायती राज चुनावों में देरी का खतरा अभी बना हुआ है। वर्तमान में यह मामला हिमाचल हाईकोर्ट में लंबित है और इसकी सुनवाई 22 दिसंबर को होने वाली है। कोर्ट से बड़ा फैसला न आने पर पंचायत चुनाव देरी से आयोजित हो सकते हैं।
कैबिनेट ने पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार अब सामान्य टैक्सी को इलेक्ट्रिक टैक्सी में बदलने के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी देगी। यह पहल पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए उठाई गई है।










