मुंगेर की लड़की मंशा ने दिल्ली में मुस्लिम लड़के नियाजुल से शादी की थी। सात दिन बाद माता-पिता के आग्रह पर वह वापस लौटी। कोर्ट और हिंदू संगठनों ने शुद्धिकरण कर उसे परिवार के साथ रहने की अनुमति दी।
Bihar: मुंगेर की निवासी मंशा ने 30 दिसंबर को दिल्ली के तीस हजारी स्थित आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट में नियाजुल से शादी की। शादी के बाद मंशा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर बताया कि यह शादी उनकी मर्जी से हुई है और इसमें किसी का दबाव नहीं था। वीडियो में मंशा ने कहा, "नियाजुल अब मेरा पति है। यह लव जिहाद नहीं है।"
मंशा ने बताया कि दोनों ने गवाहों की मौजूदगी में शादी की और प्रशासन से अपील की कि उन्हें परेशान न किया जाए।
परिवार ने FIR दर्ज कराई थी
मंशा के पिता ने 29 दिसंबर को बेटी की गुमशुदगी की सूचना दी। उनके अनुसार, बेटी रोजाना की तरह प्रैक्टिकल क्लास के लिए घर निकली थी, लेकिन वापस नहीं आई। पिता का आरोप था कि नियाजुल ने मंशा को बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गया।
सफियासराय थाने में मंशा के पिता ने 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया, जिनमें नियाजुल और उसके परिवार के सदस्य शामिल थे। उन्होंने कहा कि जब परिवार नियाजुल के घर पहुंचा तो उन्हें गाली-गलौज करके भगा दिया गया।
हिंदू संगठनों और परिवार की पहल

मंशा के परिवार ने विश्व हिंदू परिषद से मदद मांगी। संगठन के मंत्री प्राण नाथ भारत ने बताया कि 29 दिसंबर को लड़की के भागने की सूचना मिलने के बाद संगठन ने परिवार से संपर्क किया।
हिंदू संगठनों के दबाव और परिवार की पहल के बाद, 6 जनवरी को मंशा कोर्ट में पेश हुई। कोर्ट ने लड़की का बयान दर्ज किया और उसे परिवार के पास सौंप दिया।
शुद्धिकरण और मंदिर पूजा
मंशा के घर लौटने के बाद हिंदू संगठनों ने शुद्धिकरण कराने का निर्णय लिया। मंशा को महावीर मंदिर ले जाकर स्नान कराया गया, गंगाजल से शुद्ध किया गया और हनुमान चालीसा का पाठ कराया गया। इसके बाद लड़की को घर ले जाया गया और माता-पिता ने कहा कि यह घटना एक सपना समझकर भूल जाए।
मंशा ने कहा कि पिता से बात करने के बाद उसे महसूस हुआ कि उसने गलती की थी। उसने यह भी कहा कि अपने धर्म में शादी करना ही सही है और दूसरे धर्म में विवाह करना उचित नहीं।
परिवार की खुशी
मंशा की मां ने कहा कि बेटी अब सुरक्षित और सही सलामत अपने साथ है, जिससे वे बहुत खुश हैं। हिंदू संगठनों ने भी अपील की कि महिलाओं को अपने धर्म का पालन करते हुए शादी करनी चाहिए और किसी बाहरी दबाव में न आएं।
इस पूरी घटना ने मुंगेर में धर्म और समाजिक परंपराओं पर चर्चा को फिर से सामने ला दिया। मंशा अब परिवार के साथ रह रही है और अपने धर्मिक संस्कारों के अनुसार जीवन में आगे बढ़ रही है।












