संसद ने हंगामे के बीच VB-G RAM G बिल को मंजूरी दे दी। लोकसभा और राज्यसभा से पारित इस कानून के तहत MGNREGA की जगह नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था लागू होगी, जिस पर विपक्ष ने तीखा विरोध जताया।
New Delhi: संसद ने गुरुवार को भारी हंगामे के बीच विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G बिल को मंजूरी दे दी। यह बिल लोकसभा से पास होने के बाद देर रात राज्यसभा में भी पारित हो गया। इस बिल के जरिए सरकार ने 20 साल पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) की जगह एक नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था लागू करने का रास्ता साफ कर दिया है। सरकार का दावा है कि यह नया कानून ग्रामीण भारत की जरूरतों के हिसाब से अधिक प्रभावी होगा और रोजगार के साथ आजीविका को भी मजबूत करेगा।
VB-G RAM G बिल क्या है और क्यों है अहम
VB-G RAM G बिल का पूरा नाम विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) है। सरकार के अनुसार यह योजना ग्रामीण परिवारों को हर साल 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार देने की गारंटी देगी। मौजूदा MGNREGA में 100 दिन के रोजगार का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि नए बिल के तहत काम की गुणवत्ता बेहतर होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ आजीविका (livelihood) के अवसर तैयार किए जाएंगे। इस बिल को सरकार विकसित भारत (Developed India) के लक्ष्य से जोड़कर देख रही है।
लोकसभा से लेकर राज्यसभा तक गरमाया माहौल
VB-G RAM G बिल के लोकसभा में पास होते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया था। विपक्षी दलों ने इसे MGNREGA को खत्म करने की साजिश करार दिया। इसके बाद जब यह बिल राज्यसभा में पेश हुआ तो वहां भी भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सांसदों ने सदन में नारेबाजी की और सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी का आरोप लगाया। बहस के दौरान कई बार कार्यवाही बाधित हुई और अंततः देर रात वोटिंग के बाद बिल को पास कर दिया गया।
राज्यसभा में विपक्ष का जोरदार विरोध
राज्यसभा में VB-G RAM G बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। विपक्षी नेताओं का कहना था कि सरकार जानबूझकर MGNREGA से महात्मा गांधी का नाम हटा रही है, जो देश के लिए अस्वीकार्य है। उनका आरोप था कि यह केवल नाम बदलने का नहीं बल्कि सोच बदलने का मामला है। विपक्ष ने यह भी कहा कि नए बिल से राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ (financial burden) पड़ेगा, क्योंकि रोजगार सृजन की जिम्मेदारी का बड़ा हिस्सा राज्यों पर आ जाएगा।
वॉकआउट और नारेबाजी से बढ़ा तनाव

जब सरकार ने विपक्ष की आपत्तियों के बावजूद बिल को आगे बढ़ाया तो कई विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया। उन्होंने बिल वापस लेने की मांग की और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। कुछ सांसदों ने विरोध में बिल की प्रतियां फाड़ दीं। इस पर राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने कड़ी आपत्ति जताई और सदन की मर्यादा बनाए रखने की चेतावनी दी। इसके बावजूद हंगामा थमता नजर नहीं आया।
संविधान सदन के बाहर धरना प्रदर्शन
राज्यसभा से वॉकआउट के बाद विपक्षी दलों ने संसद परिसर में संविधान सदन के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विपक्षी सांसद रात भर धरने पर बैठे रहे और करीब 12 घंटे तक नारेबाजी की। उनका कहना था कि VB-G RAM G बिल को बिना पर्याप्त चर्चा के पास किया गया है। विपक्ष ने मांग की कि इस बिल को आगे की जांच और विस्तृत विचार के लिए संसदीय समिति (Parliamentary Panel) के पास भेजा जाना चाहिए।
सरकार का पक्ष और शिवराज सिंह चौहान का जवाब
ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में करीब पांच घंटे चली चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि VB-G RAM G बिल ग्रामीण भारत के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि MGNREGA में कई खामियां थीं, जिन्हें दूर करना आवश्यक था। उन्होंने दावा किया कि नई योजना रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण संपत्तियों (rural assets) के निर्माण और आजीविका को स्थायी बनाने में मदद करेगी।
MGNREGA पर भ्रष्टाचार के आरोप
शिवराज सिंह चौहान ने अपने भाषण में UPA शासनकाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय MGNREGA भ्रष्टाचार से भरा हुआ था। मंत्री के अनुसार कई जगहों पर तय कामों के लिए सामग्री की खरीद में निर्धारित राशि खर्च नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना का उद्देश्य भटक गया था और लाभार्थियों तक पूरा फायदा नहीं पहुंच पा रहा था। इसी वजह से सरकार को नई और अधिक पारदर्शी व्यवस्था लाने की जरूरत महसूस हुई।
महात्मा गांधी के नाम पर राजनीति का आरोप
विपक्ष द्वारा महात्मा गांधी का नाम हटाने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कई बार महात्मा गांधी के आदर्शों को नुकसान पहुंचाया है और केवल राजनीतिक फायदे के लिए उनके नाम का इस्तेमाल किया है। मंत्री ने कहा कि किसी योजना का नाम नहीं बल्कि उसका उद्देश्य और परिणाम महत्वपूर्ण होता है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण गरीबों को वास्तविक लाभ पहुंचाना है।
विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ा बिल
सरकार का कहना है कि VB-G RAM G बिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत (Developed India) के सपने का अहम हिस्सा है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर देश को विकसित बनाना है तो गांवों का विकास सबसे पहले जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ग्रामीण सड़कों, जल संरक्षण, आवास और कृषि से जुड़े कामों को इस योजना के तहत प्राथमिकता देगी ताकि गांव आत्मनिर्भर बन सकें।










