अगले हफ्ते शेयर बाजार में चार नए IPO खुलने जा रहे हैं। इनमें कोल इंडिया की सब्सिडियरी भारत कोकिंग कोल का मेनबोर्ड IPO शामिल है। तीन अन्य IPO SME सेगमेंट के होंगे।
IPO News: शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अगला हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। अगले सप्ताह कुल चार नई कंपनियां अपना आईपीओ (IPO – Initial Public Offering) लेकर आ रही हैं। इनमें तीन आईपीओ SME कैटेगरी के हैं, जबकि एक बड़ा मेनबोर्ड आईपीओ (Mainboard IPO) भी शामिल है। खास बात यह है कि मेनबोर्ड आईपीओ कोल इंडिया (Coal India) की सब्सिडियरी भारत कोकिंग कोल का है, जिस पर निवेशकों की खास नजर बनी हुई है।
इन चारों आईपीओ में गैबियन टेक्नोलॉजीज इंडिया, विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इंटरनेशनल, यजुर फाइबर्स और भारत कोकिंग कोल शामिल हैं। निवेश से पहले निवेशक इन कंपनियों की ओपनिंग डेट, क्लोजिंग डेट, प्राइस बैंड (Price Band), लॉट साइज (Lot Size) और ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP की जानकारी जरूर देखना चाहते हैं। इस रिपोर्ट में हम आपको चारों आईपीओ की पूरी डिटेल आसान और समझने वाली भाषा में बता रहे हैं, ताकि निवेश का फैसला सोच-समझकर लिया जा सके।
अगले हफ्ते के IPO का पूरा ओवरव्यू
अगले हफ्ते खुलने वाले इन चार आईपीओ में से तीन SME सेगमेंट से हैं, जो आमतौर पर छोटे और मझोले निवेशकों के बीच लोकप्रिय रहते हैं। वहीं भारत कोकिंग कोल का आईपीओ मेनबोर्ड सेगमेंट का है, जो साइज और कंपनी के बैकग्राउंड के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। SME आईपीओ में निवेश से पहले जोखिम और रिटर्न दोनों को समझना जरूरी होता है, जबकि मेनबोर्ड आईपीओ आमतौर पर ज्यादा स्थिर माने जाते हैं।
अब जानते हैं एक-एक करके इन चारों आईपीओ की डिटेल, ताकि निवेशक तय कर सकें कि उनके लिए कौन सा विकल्प बेहतर हो सकता है।
गैबियन टेक्नोलॉजीज इंडिया IPO की पूरी जानकारी
गैबियन टेक्नोलॉजीज इंडिया का आईपीओ 6 जनवरी को खुलेगा और 8 जनवरी को बंद होगा। यह आईपीओ SME कैटेगरी का है। कंपनी ने इसके लिए शेयरों का प्राइस बैंड 76 रुपये से 81 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यानी निवेशक इसी दायरे में बोली (Bid) लगा सकते हैं।
इस आईपीओ का लॉट साइज 1600 शेयरों का रखा गया है। इसका मतलब यह है कि रिटेल निवेशकों को कम से कम 1600 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर के हिसाब से देखें तो एक लॉट के लिए निवेश राशि लगभग 1.29 लाख रुपये के आसपास बैठती है, जो SME आईपीओ में आम बात मानी जाती है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP की बात करें तो InvestorGain के अनुसार गैबियन टेक्नोलॉजीज इंडिया का GMP फिलहाल 27 रुपये चल रहा है। इसका मतलब यह है कि ग्रे मार्केट में यह शेयर अपने इश्यू प्राइस से ऊपर ट्रेड कर रहा है। हालांकि निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि GMP एक अनऑफिशियल संकेत होता है और लिस्टिंग तक इसमें उतार-चढ़ाव संभव है। फिर भी मजबूत GMP निवेशकों की शुरुआती दिलचस्पी को दिखाता है।
विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इंटरनेशनल IPO की डिटेल
विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इंटरनेशनल का आईपीओ 7 जनवरी को खुलेगा और 9 जनवरी को बंद होगा। यह भी SME कैटेगरी का आईपीओ है। कंपनी ने इस आईपीओ में शेयर का प्राइस 41 रुपये प्रति शेयर तय किया है, यानी इसमें कोई प्राइस बैंड नहीं बल्कि फिक्स्ड प्राइस (Fixed Price Issue) रखा गया है।
इस आईपीओ का लॉट साइज 3000 शेयरों का है। यानी एक लॉट के लिए निवेशकों को करीब 1.23 लाख रुपये का निवेश करना होगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर (Electric Vehicle Sector) से जुड़ी कंपनी होने के कारण कुछ निवेशकों की इसमें दिलचस्पी हो सकती है, लेकिन SME आईपीओ होने के कारण जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
GMP की बात करें तो InvestorGain के अनुसार फिलहाल विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इंटरनेशनल का GMP शून्य रुपये चल रहा है। इसका मतलब यह है कि ग्रे मार्केट में अभी इस आईपीओ को लेकर खास उत्साह नजर नहीं आ रहा है। हालांकि GMP समय के साथ बदल सकता है और निवेशक को केवल इसी आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए।
यजुर फाइबर्स IPO से जुड़ी अहम जानकारी
यजुर फाइबर्स का आईपीओ भी 7 जनवरी को खुलेगा और 9 जनवरी को बंद होगा। यह आईपीओ भी SME कैटेगरी में आता है। कंपनी ने इसके लिए शेयरों का प्राइस बैंड 168 रुपये से 174 रुपये प्रति शेयर तय किया है।
इस आईपीओ का लॉट साइज 800 शेयरों का है। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए निवेश राशि करीब 1.39 लाख रुपये के आसपास होगी। टेक्सटाइल और फाइबर सेक्टर से जुड़ी कंपनी होने के कारण कुछ निवेशकों के लिए यह लंबी अवधि के नजरिए से आकर्षक हो सकता है, लेकिन SME आईपीओ में निवेश करते समय कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति और बिजनेस मॉडल को समझना बेहद जरूरी होता है।
GMP की बात करें तो InvestorGain के अनुसार यजुर फाइबर्स का GMP फिलहाल शून्य रुपये बताया जा रहा है। यानी ग्रे मार्केट में अभी इस आईपीओ को लेकर कोई खास प्रीमियम नहीं दिख रहा है। यह स्थिति निवेशकों को सावधानी बरतने का संकेत भी देती है।
भारत कोकिंग कोल IPO पर क्यों है सबसे ज्यादा नजर
भारत कोकिंग कोल कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी है। यही वजह है कि इसका आईपीओ निवेशकों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में है। यह आईपीओ मेनबोर्ड कैटेगरी का होगा, जो इसे बाकी तीन SME आईपीओ से अलग बनाता है।
भारत कोकिंग कोल का आईपीओ 9 जनवरी को खुलेगा और 13 जनवरी को बंद होगा। फिलहाल कंपनी ने इसके प्राइस बैंड और लॉट साइज का एलान नहीं किया है। इसके बावजूद ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर हलचल शुरू हो चुकी है।
InvestorGain के अनुसार भारत कोकिंग कोल का GMP फिलहाल 13 रुपये चल रहा है। प्राइस बैंड घोषित होने से पहले ही GMP का सामने आना इस बात का संकेत देता है कि बाजार में इस आईपीओ को लेकर शुरुआती दिलचस्पी मौजूद है। कोल इंडिया जैसी बड़ी सरकारी कंपनी की सब्सिडियरी होने के कारण निवेशकों को इसमें अपेक्षाकृत स्थिरता की उम्मीद हो सकती है, हालांकि अंतिम फैसला प्राइस बैंड और वैल्यूएशन देखने के बाद ही लेना सही रहेगा।











