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झारखंड तकनीकी शिक्षा में बड़ा बदलाव, लागू होगी नई PPP और अंब्रेला पालिसी

झारखंड तकनीकी शिक्षा में बड़ा बदलाव, लागू होगी नई PPP और अंब्रेला पालिसी

झारखंड सरकार ने नए इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों को निजी भागीदारी (PPP) के तहत चलाने की योजना बनाई है। अंब्रेला पालिसी लागू होगी, जिसमें स्थानीय युवाओं के आरक्षण, फीस में छूट और मैनेजमेंट कोटा का प्रावधान शामिल है।

Jharkhand: झारखंड सरकार तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि आने वाले समय में इंजीनियरिंग कॉलेज, प्रोफेशनल कॉलेज और पालीटेक्निक संस्थानों को निजी क्षेत्र की भागीदारी से चलाया जाएगा। इसके लिए सरकार एक नई पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) नीति लागू करने की तैयारी में है। यह नीति राज्य के तकनीकी शिक्षा ढांचे को मजबूत करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास है।

अंब्रेला पालिसी लागू, संचालन में समान नियम

नए बदलाव के तहत अब सभी तकनीकी शिक्षण संस्थानों के संचालन के लिए एक अंब्रेला पालिसी लागू होगी। इससे पहले विभिन्न संस्थानों को पीपीपी मोड पर अलग-अलग शर्तों और अवधि के लिए चलाया जा रहा था। अब इस नई पालिसी के अनुसार सभी कॉलेजों में समान शर्तें और अवधि लागू होंगी।

इस पालिसी में झारखंड के स्थानीय युवाओं के लिए आरक्षण, शुल्क में छूट, और मैनेजमेंट कोटा की संख्या जैसे नियम शामिल किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य निजी भागीदारों को संचालन की जिम्मेदारी देते हुए छात्रों के हितों और गुणवत्ता शिक्षा को सुनिश्चित करना है।

वर्तमान में तीन इंजीनियरिंग कॉलेज पीपीपी मोड में

अभी राज्य में तीन इंजीनियरिंग कॉलेज—रामगढ़, चाईबासा और दुमका—पीपीपी मोड पर संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा सिल्ली पालीटेक्निक और कुछ अन्य पालीटेक्निक संस्थानों का संचालन भी इसी आधार पर किया जा रहा है।

भविष्य में बोकारो में नया इंजीनियरिंग कॉलेज और गोड़्डा में प्रोफेशनल कॉलेज की स्थापना पीपीपी मोड में की जा सकती है। वहीं, जमशेदपुर में भी नए इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण होना है। गोला और कोडरमा में इंजीनियरिंग कॉलेज के संचालन के लिए निजी भागीदार का चयन पहले ही कर लिया गया है।

राज्य के अन्य जिलों में विस्तार की योजना

रांची, गुमला और गिरिडीह सहित कई अन्य जिलों में नए इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किए जाने की योजना है। इन नए कॉलेजों का संचालन भी पीपीपी मोड में किया जाएगा। वर्तमान में बीआइटी सिंदरी और पलामू में इंजीनियरिंग कॉलेज का संचालन सरकार स्वयं कर रही है, लेकिन आने वाले समय में इनका भी निजी भागीदारी के माध्यम से संचालन संभव है।

शिक्षा की गुणवत्ता

इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करना है। निजी भागीदारों के सहयोग से कॉलेजों में बेहतर सुविधाएं, अत्याधुनिक लैब, आधुनिक शिक्षण उपकरण और प्रशिक्षित फैकल्टी उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके अलावा, छात्रों के लिए बेहतर रोजगार अवसर और इंटर्नशिप प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे।

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