उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने मेरठ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) के विकास के लिए ₹213.81 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है।
लखनऊ: Yogi Adityanath की अध्यक्षता में Uttar Pradesh कैबिनेट ने राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत Meerut में Integrated Manufacturing and Logistics Cluster के विकास को हरी झंडी दे दी गई है। यह परियोजना न केवल मेरठ, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए आर्थिक उन्नति का नया द्वार खोलेगी, जिससे रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
परियोजना का उद्देश्य और महत्व
IMLC का उद्देश्य मेरठ को आधुनिक औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब में बदलना है। यह क्लस्टर विशेष रूप से गंगा एक्सप्रेसवे के पास स्थित होने के कारण दिल्ली-एनसीआर, मेरठ और प्रयागराज के बीच एक रणनीतिक लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में उभरेगा। कैबिनेट ने इस परियोजना को EPC (Engineering, Procurement & Construction) मोड में क्रियान्वित करने का निर्णय लिया है, ताकि निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित हो सके।
बुनियादी ढांचे में होंगे ये सुधार
क्लस्टर के विकास के तहत मेरठ नोड में निम्नलिखित बुनियादी सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा:
- चौड़ी सड़कें और आरसीसी नालियां: औद्योगिक क्षेत्रों में परिवहन और जल निकासी को सहज बनाने के लिए।
- उन्नत फायर स्टेशन और भूमिगत जलाशय: सुरक्षा और जलापूर्ति की बेहतर व्यवस्था के लिए।
- निर्बाध बिजली और जलापूर्ति: उद्योगों के सुचारु संचालन के लिए।
- सुरक्षा फेंसिंग और अन्य अवसंरचना: उद्योगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए।
इस क्लस्टर में आधुनिक औद्योगिक इकाइयों, गोदामों और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को शामिल किया जाएगा, जिससे व्यापार और विनिर्माण दोनों क्षेत्रों में वृद्धि होगी।

मेरठ की रणनीतिक स्थिति
मेरठ का यह लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) के तहत विकसित 29 औद्योगिक नोड्स में शामिल है। मेरठ को गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-एनसीआर के संपर्क में होने के कारण बड़ी व्यावसायिक और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों का केंद्र बनाया जाएगा।विशेषज्ञों का मानना है कि मेरठ क्लस्टर का यह विकास छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करेगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।
- रोजगार सृजन: यह क्लस्टर स्थानीय युवाओं के लिए हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
- व्यापार में सुविधा: बेहतर कनेक्टिविटी के कारण कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों की डिलीवरी में समय और लागत की बचत होगी।
- क्षेत्रीय विकास: मेरठ और आसपास के जिलों में औद्योगिक विकास, निवेश और नई परियोजनाओं के लिए मार्ग प्रशस्त होगा।
- आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधा: ट्रांसपोर्ट और गोदाम प्रबंधन को सशक्त बनाकर क्षेत्र को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया जाएगा।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि IMLC क्लस्टर की स्थापना न केवल मेरठ को उत्तर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाएगी, बल्कि देश की लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण क्षमता को भी बढ़ावा देगी। इससे दिल्ली-एनसीआर और गंगा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में निवेशकों की रुचि और बढ़ेगी।











