महाराष्ट्र में शहरी राजनीति की दिशा तय करने वाले नगर निगम चुनाव 2026 के तहत आज राज्य की 29 नगर निगमों में मतदान हो रहा है। इनमें देश की सबसे समृद्ध सिविक बॉडी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का चुनाव सबसे ज्यादा अहम माना जा रहा है।
मुंबई: महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में आज मतदान हो रहा है। यह चुनाव राज्य की शहरी राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, खासकर देश की सबसे अमीर सिविक बॉडी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के लिए, जहां 2017 के बाद पहली बार चुनाव हो रहे हैं। मुंबई, पुणे, नासिक, नागपुर, नवी मुंबई, ठाणे और पिंपरी-चिंचवड़ जैसे बड़े शहरों में कड़ा और हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिससे इन चुनावों का राजनीतिक महत्व और भी बढ़ गया है।
बड़े शहरों में हाई-वोल्टेज मुकाबला
मुंबई के अलावा पुणे, नागपुर, नासिक, ठाणे, नवी मुंबई और पिंपरी-चिंचवड़ जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इन शहरों में स्थानीय विकास, बुनियादी सुविधाएं, ट्रैफिक, आवास और नागरिक सेवाएं प्रमुख चुनावी मुद्दे बने हुए हैं। राज्य भर में कुल 3.48 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। ये मतदाता 2,869 सीटों के लिए मैदान में उतरे 15,908 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए 39,092 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं।
मतदान की प्रक्रिया सुबह 7:30 बजे शुरू होकर शाम 5:30 बजे तक चलेगी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, खासकर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मतगणना 16 जनवरी 2026 को होगी और उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे।
कौन-कौन सी पार्टियां मैदान में?

इस चुनाव में महाराष्ट्र की लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक ताकतें आमने-सामने हैं।
- भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) राज्य के अधिकांश नगर निगमों में महायुति के तहत साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।
- हालांकि पुणे नगर निगम में सीट शेयरिंग पर सहमति न बन पाने के कारण शिवसेना (शिंदे) ने भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
- शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट – UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने मराठी अस्मिता और “मराठी मानूस” के मुद्दे पर हाथ मिलाया है। करीब 20 साल बाद ठाकरे परिवार के दोनों चचेरे भाई एक साथ चुनावी मंच पर नजर आ रहे हैं, जिसे राज्य की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुट—अजीत पवार और शरद पवार—ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में वोटों के बंटवारे से बचने के लिए आपसी समझौता किया है।
BMC न सिर्फ देश की सबसे अमीर नगर पालिका है, बल्कि मुंबई जैसे आर्थिक केंद्र की प्रशासनिक रीढ़ भी है। इसका सालाना बजट कई राज्यों के बजट से ज्यादा है। ऐसे में BMC पर नियंत्रण राजनीतिक दलों के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।











