महाराष्ट्र के CM फडणवीस ने नवी मुंबई के 4,500 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले में मंत्री संजय शिरसाट की जांच के लिए छह सदस्यीय समिति गठित की है। समिति 8 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानमंडल शीतकालीन अधिवेशन से पहले रिपोर्ट सौंपेगी।
Mumbai: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने ही सरकार के मंत्री और एकनाथ शिंदे के करीबी नेता पर लगे जमीन घोटाले के आरोपों की जांच के लिए समिति गठित कर दी है। राज्य में कथित जमीन घोटाले के मुद्दे पर पिछले कई दिनों से चर्चा और विवाद तेज था। इस बीच सीएम फडणवीस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला लिया है।
पूरा मामला क्या है?
नवी मुंबई में सिडको की 4,500 करोड़ रुपये की जमीन घोटाले के मामले में सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट की जांच की घोषणा दो महीने पहले की गई थी। आरोप यह हैं कि मंत्री संजय शिरसाट के कार्यकाल में जमीन से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले सामने आए थे। इस मामले को लेकर विधायक रोहित पवार ने भी मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए थे। जांच समिति का गठन इस पूरे विवाद को निष्पक्ष तरीके से सामने लाने के लिए किया गया है।

जांच समिति का गठन
गुरुवार को सीएम फडणवीस ने इस मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया। समिति की अध्यक्षता कोंकण प्रभागीय आयुक्त करेंगे। समिति का उद्देश्य जमीन घोटाले की पूरी पड़ताल करना और संबंधित सभी दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की जांच करना है। यह कदम आगामी 8 दिसंबर से नागपुर में शुरू हो रहे विधानमंडल शीतकालीन अधिवेशन से पहले उठाया गया है।
समिति में शामिल सदस्य
जांच समिति में कई वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसमें ठाणे के मुख्य वन संरक्षक, रायगढ़ के जिलाधिकारी, सिडको के सह-प्रबंध निदेशक, ठाणे और रायगढ़ के मुख्य भूमि और भूमि अभिलेख अधिकारी तथा अलीबाग के उप वन संरक्षक शामिल हैं। समिति का काम जमीन घोटाले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करना और अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंपना है।










