महाराष्ट्र राजनीति: अजित पवार ने शरद पवार से गठबंधन पर दिया बड़ा बयान, पवार परिवार में दिखी एकजुटता

महाराष्ट्र राजनीति: अजित पवार ने शरद पवार से गठबंधन पर दिया बड़ा बयान, पवार परिवार में दिखी एकजुटता

पश्चिम बंगाल में भतीजे अभिषेक बनर्जी ने बुआ ममता बनर्जी के लिए मोर्चा संभाल लिया है, वहीं महाराष्ट्र में भी एक भतीजे के दिल में चाचा के लिए स्नेह उमड़ रहा है। यहां बात चल रही है चाचा शरद पवार और भतीजा अजित पवार की।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर पवार फैमिली की एकजुटता की चर्चा तेज हो गई है। पिंपरी-चिंचवाड़ क्षेत्र में हाल ही में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अजित पवार ने अपने चाचा और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से गठबंधन को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने न केवल पवार परिवार के अंदरूनी रिश्तों की ओर इशारा किया, बल्कि पार्टी और गठबंधन के भविष्य को लेकर भी संकेत दिए।

अजित पवार का बयान: "आपके मुंह में घी-शक्कर"

पिंपरी-चिंचवाड़ में अपने चुनावी पोस्टरों पर शरद पवार की तस्वीर दिखाई देने के सवाल पर अजित पवार ने स्पष्ट किया कि उनकी और शरद पवार की नजदीकी केवल राजनीतिक गठबंधन तक ही सीमित नहीं है। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या वे हमेशा शरद पवार के साथ रहेंगे, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “आपके मुंह में घी-शक्कर”, जो पवार फैमिली के एकजुट होने की ओर संकेत माना जा रहा है।

अजित पवार ने इस मौके पर यह भी कहा कि राजनीति में आरोप और विवाद आम हैं, लेकिन वे अपने रिश्तों और सहयोग को लंबे समय तक बनाए रखते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, अगर कल किसी के खिलाफ कोई क्राइम रजिस्टर होता है, तो क्या वह व्यक्ति अपराध सिद्ध होने से पहले ही दोषी हो जाता है? मेरे ऊपर भी 70,000 करोड़ रुपये के आरोप लगे थे। जिन्होंने ये आरोप लगाए थे, क्या वे आज मेरे साथ हैं या नहीं? मुझे बताओ। आज मैं उन्हीं लोगों के साथ सरकार में हूं या नहीं?
इस बयान से यह साफ होता है कि अजित पवार न केवल व्यक्तिगत विवादों से ऊपर हैं, बल्कि राजनीतिक गठबंधनों में स्थिरता पर जोर दे रहे हैं।

पिछले विवादों का असर और पवार फैमिली की छवि

अजित पवार कुछ समय पहले भी सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने अपनी ही सहयोगी पार्टी भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि “BJP ने पिंपरी-चिंचवाड़ महानगर पालिका (PCMC) को लूट का अड्डा बना दिया। अजित पवार ने आरोप लगाया कि शहर में टेंडरों की 'रिंग' बनाकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया, और विकास के नाम पर जनता के पैसों का दुरुपयोग हुआ। उन्होंने कहा कि शहर के संसाधनों का शोषण किया गया और जनता की अपेक्षाओं के विपरीत काम हुआ।

इन बयानों के बाद राजनीति में यह सवाल उठने लगे थे कि क्या अजित पवार और शरद पवार के बीच दूरी बढ़ गई है। लेकिन हालिया बयान और पोस्टर पर शरद पवार की तस्वीर के इस्तेमाल ने यह स्पष्ट कर दिया कि पवार फैमिली की राजनीतिक और पारिवारिक एकजुटता अब भी कायम है। पिंपरी-चिंचवाड़ में आगामी चुनावों के मद्देनजर एनसीपी और उनके गठबंधन की तैयारियां तेज हैं। अजित पवार और शरद पवार की पार्टी ने मिलकर चुनावी रणनीति बनाई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि भतीजा और चाचा फिर से साथ में राजनीति करेंगे।

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