ममता बनर्जी की 'बांग्ला' मांग पर जम्मू-कश्मीर सीएम का समर्थन, केंद्र सरकार के दोहरे मापदंड पर उठाए सवाल

ममता बनर्जी की 'बांग्ला' मांग पर जम्मू-कश्मीर सीएम का समर्थन, केंद्र सरकार के दोहरे मापदंड पर उठाए सवाल

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर 'बांग्ला' करने की ममता बनर्जी की मांग का समर्थन किया। उन्होंने केंद्र सरकार के दोहरे मापदंड पर सवाल उठाए और समान नियमों की आवश्यकता जताई।

New Delhi: जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राज्य का नाम बदलकर 'बांग्ला' करने की हालिया मांग का खुले तौर पर समर्थन किया है। उन्होंने केंद्र सरकार के दोहरे मापदंड पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर केरल का नाम बदलकर 'केरलम' किया जा सकता है, तो पश्चिम बंगाल का नाम क्यों नहीं बदला जा सकता।

उमर अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर पश्चिम बंगाल विधानसभा यह प्रस्ताव रखती है, तो केंद्र सरकार को इसे गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कल जम्मू और कश्मीर विधानसभा राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव लाती है, तो केंद्र को उस पर भी ध्यान देना चाहिए।

दोहरे मापदंड पर सवाल

उमर अब्दुल्ला ने केरल का नाम बदलने के हालिया फैसले का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने केरलम के लिए मंजूरी दे दी है, जबकि पश्चिम बंगाल का प्रस्ताव वर्षों से अटका हुआ है। उन्होंने केंद्र के इस रवैये पर सवाल उठाया और कहा कि राज्य की "वैध मांग" को राजनीतिक कारणों से नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

इस संदर्भ में उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान का सम्मान किया जाता है, तो सभी राज्यों के लिए समान नियम लागू होने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल पश्चिम बंगाल या किसी अन्य राज्य का मामला नहीं है, बल्कि पूरे संघीय ढांचे में समानता का सवाल है।

टीएमसी ने भाजपा पर लगाया 'बांग्ला-विरोधी' होने का आरोप

तमिलनाडु मुक्ति कांग्रेस (TMC) ने भाजपा पर पश्चिम बंगाल के विरुद्ध भेदभाव करने का आरोप लगाया है। टीएमसी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह राज्य की विरासत और भाषा का सम्मान नहीं करते। पार्टी ने कहा कि हर चुनावी मौसम में केंद्रीय नेता बंगाल आकर अपनी संवेदनाओं का दिखावा करते हैं, लेकिन असलियत में राज्य की भाषा और संस्कृति का कोई सम्मान नहीं करते।

टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि बंगाल की "जायज़ मांग" को सिर्फ इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि राज्य ने भाजपा के उच्च कमान के सामने झुकने से इनकार किया। पार्टी ने दावा किया कि यह मांग वर्षों से दबा रखी गई है और इसे राजनीतिक प्रतिशोध के कारण रोका गया।

ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र को याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर 'बांग्ला' रखने का प्रस्ताव पहले से ही मौजूद है। उन्होंने कहा कि यह राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान से जुड़ा मामला है। ममता ने कहा कि बंगाल अपनी भाषा और संस्कृति की रक्षा के लिए दृढ़ है और किसी भी राजनीतिक दबाव में यह मांग पीछे नहीं हटेगी।

ममता ने केरल राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' रखने पर केरल के लोगों को बधाई दी और कहा कि पश्चिम बंगाल को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि किसी राज्य की पहचान को राजनीतिक कारणों से नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

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