Narendra Modi के नेतृत्व में ‘मोदी 3.0’ सरकार ने सुधारों की गति तेज करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों को अहम निर्देश दिए हैं। सभी मंत्रियों से कहा गया है कि वे अगली कैबिनेट बैठक में अपने-अपने मंत्रालय से जुड़े प्रमुख सुधारों को व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत करें।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल, जिसे आम तौर पर “मोदी 3.0” कहा जा रहा है, में प्रशासनिक सुधारों को तेज करने के लिए सभी केंद्रीय मंत्रालयों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। अगली कैबिनेट बैठक से पहले मंत्रियों को अपने-अपने मंत्रालयों द्वारा जून 2024 से अब तक किए गए प्रमुख सुधारों और उनके प्रभावों को व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
यह प्रक्रिया सामान्य कैबिनेट बैठकों से अलग होगी, क्योंकि इस बार मंत्री स्वयं अपने मंत्रालय की उपलब्धियों और सुधारों का विस्तृत विवरण प्रधानमंत्री के सामने पेश करेंगे। सरकार का मुख्य फोकस ‘ईज ऑफ लिविंग’ (जीवन को आसान बनाना) और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार करने में सरलता) से जुड़े सुधारों पर है।
मंत्रालयों को 2 मार्च तक रिपोर्ट जमा करने का निर्देश
कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन द्वारा जारी आधिकारिक संचार के अनुसार, सभी मंत्रालयों को 2 मार्च तक अपने प्रमुख सुधारों की दो-पृष्ठीय रिपोर्ट जमा करनी होगी। इस रिपोर्ट में मंत्रालयों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने द्वारा लागू किए गए प्रमुख सुधारों, उनके उद्देश्यों और आम जनता तथा उद्योगों पर उनके प्रभाव का स्पष्ट उल्लेख करें।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मंत्रालयों को एक विस्तृत प्रारूप भी भेजा गया है, जिसमें उन्हें चार प्रमुख श्रेणियों के तहत अपने सुधारों और उनके परिणामों को प्रस्तुत करना होगा। इन सुधारों में कानूनों, नीतियों, अधिसूचनाओं, नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में किए गए बदलाव शामिल हैं।

‘सेवा तीर्थ’ में बैठक के बाद जारी हुआ निर्देश
यह निर्देश प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में हुई कैबिनेट बैठक के बाद जारी किया गया। प्रधानमंत्री ने इच्छा जताई कि सभी मंत्री अगली बैठक में अपने मंत्रालय के प्रमुख सुधारों का व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुतीकरण करें। इस फैसले के बाद सभी मंत्रालयों और विभागों ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। अधिकारी अब पिछले महीनों में लागू किए गए सुधारों का विश्लेषण कर रहे हैं और उनके प्रभाव का आकलन कर रहे हैं।
सरकार का मानना है कि प्रशासनिक सुधारों का अंतिम उद्देश्य नागरिकों के जीवन को आसान बनाना और व्यवसायों के लिए प्रक्रियाओं को सरल करना है। इसके तहत लाइसेंस प्रक्रियाओं को आसान बनाना, नियमों को कम करना, डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना और सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाना शामिल है।
इन सुधारों का उद्देश्य भारत को वैश्विक स्तर पर निवेश और व्यापार के लिए अधिक आकर्षक बनाना भी है। सरकार लगातार डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।










