अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने आर्टिमिस 2 मिशन के लिए पब्लिक रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। दुनिया के किसी भी देश का व्यक्ति 21 जनवरी तक अपना नाम चांद पर भेजने के लिए फ्री रजिस्टर कर सकता है। नाम डिजिटल मेमोरी कार्ड में स्टोर होकर ऑरियन स्पेसक्राफ्ट के साथ चांद के चारों ओर जाएगा।
Moon Mission: अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने अगले साल लॉन्च होने वाले आर्टिमिस 2 मिशन के लिए पब्लिक रजिस्ट्रेशन शुरू किया है। इस अभियान के तहत दुनिया भर से कोई भी व्यक्ति अपना नाम चांद पर भेजने के लिए 21 जनवरी तक फ्री रजिस्ट्रेशन कर सकता है। नाम डिजिटल मेमोरी कार्ड में स्टोर होकर ऑरियन स्पेसक्राफ्ट के साथ चांद के चारों ओर जाएगा। यह मिशन चार एस्ट्रोनॉट्स के साथ होगा और चांद पर लैंडिंग तथा भविष्य में मंगल मिशन की तैयारी में अहम भूमिका निभाएगा।
नासा दे रही चांद पर नाम भेजने का मौका
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने अपने अगले मिशन आर्टिमिस 2 के लिए पब्लिक रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। इसके तहत दुनिया के किसी भी देश का कोई व्यक्ति अपना नाम चांद पर भेजने के लिए रजिस्टर कर सकता है। यह रजिस्ट्रेशन पूरी तरह फ्री है और 21 जनवरी तक किया जा सकता है। नाम डिजिटल मेमोरी कार्ड में स्टोर किया जाएगा और ऑरियन स्पेसक्राफ्ट के साथ चांद के चारों ओर भेजा जाएगा।
इस प्रक्रिया के बाद प्रतिभागियों को डिजिटल बोर्डिंग पास भी दिया जाएगा, जो स्पेस लवर और युवाओं के लिए एक खास यादगार अनुभव साबित होगा। यह सिंबोलिक प्रोसेस है, लेकिन चांद पर अपना नाम भेजने का यह अवसर अनोखा और रोमांचक है।

रजिस्ट्रेशन कैसे करें
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बेहद सरल है। इसके लिए नासा के Send Your Name पोर्टल पर जाना होगा। वहां अपना नाम और पिन सेट करके सबमिट करना होगा। इसके तुरंत बाद डिजिटल बोर्डिंग पास मिल जाएगा, जिसमें आपका नाम दर्ज होगा।
इस रजिस्ट्रेशन के जरिए दुनिया भर से कोई भी व्यक्ति आसानी से अपना नाम आर्टिमिस 2 मिशन में शामिल कर सकता है। यह प्रक्रिया न सिर्फ स्पेस लवर्स के लिए रोमांचक है, बल्कि युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान और मिशन से जुड़ाव बढ़ाने का भी काम करती है।
आर्टिमिस 2 मिशन क्या है?
नासा के अनुसार, आर्टिमिस 2 मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स क्रिस्टिना कोच, रेड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर और जेरेमी हेनसेन ऑरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर डीप-स्पेस कंडीशन में लगभग 10 दिन का सफर करेंगे।
इस मिशन का मकसद न केवल तकनीकी सिस्टम की जांच करना है, बल्कि यह चांद पर लैंडिंग और भविष्य में मंगल मिशन के लिए तैयारी का आधार भी बनेगा। यह नासा की आर्टिमिस कैंपेन का पहला मिशन है और स्पेस एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण सीख और डेटा जुटाने का अवसर प्रदान करता है।










