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पाकिस्तान-ए-फगान सीमा पर तनाव, हवाई हमलों में तीन की मौत, तालिबान ने जताई नाराजगी

पाकिस्तान-ए-फगान सीमा पर तनाव, हवाई हमलों में तीन की मौत, तालिबान ने जताई नाराजगी

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर नांगरहार और खोस्त में हवाई हमले का आरोप लगाया। हमलों में 3 लोगों की मौत और 7 घायल। मकानों को नुकसान पहुंचा। तालिबान सरकार ने कड़ी निंदा की, पाकिस्तान की प्रतिक्रिया नहीं आई।

इस्लामाबाद। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पड़ोसी देश पाकिस्तान पर अपने पूर्वी प्रांतों में हवाई हमले करने का गंभीर आरोप लगाया है। अफगानिस्तान के नांगरहार और खोस्त प्रांतों में हुए इन हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई और सात अन्य घायल हुए हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि हमलों से मकानों और अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा।

काबुल में अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार देर रात इन हमलों की निंदा की और इसे पाकिस्तान की ओर से “उकसाने वाली कार्रवाई” करार दिया। मंत्रालय ने इस संबंध में पाकिस्तान के राजदूत को तलब कर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

अफगान रक्षा मंत्रालय की कड़ी चेतावनी

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने भी पाकिस्तान पर हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की बर्बर और क्रूर कार्रवाइयों से किसी भी पक्ष को फायदा नहीं होता। मंत्रालय ने कहा कि यह दोनों मुस्लिम देशों के बीच तनाव और नफरत को बढ़ावा देता है। मंत्रालय ने चेताया कि इन गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों के गंभीर परिणाम होंगे।

तालिबान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान पर पहले भी अफगानिस्तान में पाकिस्तानी तालिबान के संदिग्ध ठिकानों पर हवाई हमले करने का आरोप लगा है। पाकिस्तानी तालिबान एक प्रतिबंधित आतंकवादी समूह है, जिसे देश में कई घातक हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

पाकिस्तानी ड्रोन से अटैक की पुष्टि

नांगरहार के डिप्टी-गवर्नर मौलवी अजीजुल्लाह मुस्तफा ने कहा कि ये हमले पाकिस्तानी ड्रोन द्वारा किए गए। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन हमलों का लक्ष्य नांगरहार और खोस्त के कुछ इलाके थे।

जानकारी के अनुसार, ये हमले पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान के शीर्ष राजनयिकों की काबुल में हुई हालिया बैठक के केवल एक सप्ताह बाद हुए हैं। इस बैठक में तीनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने का संकल्प लिया था।

पाक-अफगान संबंध

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में खटास बढ़ गई। हालांकि, तीन महीने पहले दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंध सुधारने और राजनयिक सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी।

हालिया हमले इस संघर्ष की जटिलता को और बढ़ा सकते हैं। अफगानिस्तान ने हमेशा पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि वह अपने देश में तालिबानी और आतंकवादी ठिकानों को समर्थन दे रहा है। वहीं, पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज किया है और दोनों देशों के बीच सीमाएं अक्सर तनाव का केंद्र बनी रहती हैं।

नागरिकों पर असर और सुरक्षा चुनौती

स्थानीय निवासियों ने बताया कि हमलों की आवाजें इतनी तेज थीं कि पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बन गया। मकान और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचा, और कई लोग अपने घरों को छोड़ने को मजबूर हुए। सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन नुकसान पहले ही हो चुका था।

तालिबान सरकार ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी है। उन्होंने चेताया कि ऐसे हमले न केवल जान-माल के लिए खतरा हैं बल्कि द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा करते हैं। अभी तक पाकिस्तान की सरकार और सेना ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया ने इस घटना को लेकर चुप्पी साधी है, जबकि दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

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