पाकिस्तान में तख्तापलट की अटकलें तेज, क्या आसिम मुनीर बने सत्ता मोहरा? जानें वजह

पाकिस्तान में तख्तापलट की अटकलें तेज, क्या आसिम मुनीर बने सत्ता मोहरा? जानें वजह

पाकिस्तान में सियासी तनाव बढ़ गया है। इमरान खान की सुरक्षा और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की स्थिति विवादास्पद बनी हुई है। समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं और नोटिफ़िकेशन प्रक्रिया रोककर सत्ता समीकरण जटिल हो गए हैं।

Pakistan: पाकिस्तान में सत्ता को लेकर जारी सियासी जंग अब और गंभीर रूप लेती जा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बारे में सरकार लगातार चुप्पी साधे हुए है, जिससे अटकलों को हवा मिल रही है। दूसरी ओर, सेना प्रमुख आसिम मुनीर को लेकर कई तरह की खबरें और विवाद सामने आ रहे हैं। इस समय देश में जहां इमरान खान के समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं सरकार और सेना के बीच भी सत्ता को लेकर खींचतान जारी है।

अस्मा शिराज़ी की चेतावनी

सीनियर जर्नलिस्ट अस्मा शिराज़ी कहती हैं कि पाकिस्तान में जो कुछ हो रहा है, वह अचानक नहीं है। उन्होंने बताया कि घटनाओं की समयरेखा बेहद संदिग्ध है। नवाज़ शरीफ़ का अचानक बयान, कुछ नोटिफ़िकेशन का न आना, प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ का बहरीन और लंदन जाना—ये सब संकेत देते हैं कि देश में राजनीतिक सन्नाटा नहीं बल्कि साजिश का वातावरण है। उनकी माने तो हर घटना की टाइमिंग महत्वपूर्ण है और यह दिखाती है कि सत्ता के अंदर गंभीर अस्थिरता है।

आसिम मुनीर का संकट

सेना प्रमुख आसिम मुनीर इस समय जटिल परिस्थितियों में फंसे हुए हैं। शहबाज़ शरीफ लंदन से लौटने के बाद सीधे लाहौर चले गए और मुनीर उनका इस्लामाबाद में इंतजार कर रहे हैं। पाकिस्तान में 27 नवंबर को CDF का नोटिफ़िकेशन जारी होना था, लेकिन मुनीर के लिए कोई निश्चित जानकारी नहीं है। कानून मंत्री आज़म नज़ीर तरार ने नोटिफ़िकेशन के सवाल पर जवाब से बचते हुए इसे प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी बता दी।

इमरान खान की सुरक्षा पर सवाल

पाकिस्तानी संसद में इमरान खान के समर्थक लगातार सवाल उठा रहे हैं। कानून मंत्री आज़म नज़ीर तरार ने यह भरोसा दिया कि कैदी नंबर 804 यानी इमरान खान को कोई खतरा नहीं है। बावजूद इसके, समर्थकों के प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं और उनके निशाने पर सीधे आसिम मुनीर नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इमरान खान को सत्ता से हटाने के लिए मुनीर को मोहरा बनाया गया है।

नवाज़ शरीफ़ का दबाव

सूत्रों के अनुसार, नवाज़ शरीफ़ ने आसिम मुनीर के सामने शर्त रखी है कि इमरान को सत्ता से हटाओ और मुझे प्रधानमंत्री बनने दो। इस दबाव के चलते नोटिफ़िकेशन की प्रक्रिया रोकी गई है। पाकिस्तान के पूर्व मंत्री मिर्ज़ा शहज़ाद का कहना है कि CDF का फ़ैसला जल्दबाजी में लिया गया, लेकिन अब स्थिति इतनी जटिल हो गई है कि मुनीर को आगे का निर्णय समझ में नहीं आ रहा।

आसिम मुनीर को सेना प्रमुख बनाने का फैसला पहले ही ले लिया गया था, लेकिन देश की अन्य दो बड़ी सेना इकाइयों की नाराज़गी के कारण नोटिफ़िकेशन अभी तक जारी नहीं किया गया। यह भी बताया जा रहा है कि शहबाज़ सरकार इमरान खान को निपटाने के लिए मुनीर को मोहरा बना रही है। नोटिफ़िकेशन को टालकर असल नियंत्रण हाथ में रखने की कोशिश की जा रही है।

Leave a comment