पाकिस्तान में उपचुनाव में PML-N ने 13 में 12 सीटों पर जीत हासिल की। PTI का बहिष्कार और मुजफ्फरगढ़ में PPP की जीत के बीच चुनाव शांतिपूर्ण रहे। पार्टी की राजनीतिक पकड़ और मजबूत होती दिख रही है।
Pakistan Election: पाकिस्तान में हाल ही में कराए गए उपचुनावों में सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने बड़ी जीत दर्ज की है। ये उपचुनाव नेशनल असेंबली की छह सीटों और पंजाब प्रांतीय असेंबली की सात सीटों पर हुए थे। अनाधिकारिक नतीजों के मुताबिक, PML-N ने कुल 13 सीटों में से 12 सीटों पर जीत हासिल की है। केवल खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के हरीपुर क्षेत्र की एक सीट पर PML-N को हार का सामना करना पड़ा।
चुनाव हुए इन सीटों पर
नेशनल असेंबली की जिन छह सीटों पर मतदान हुआ, उनमें एनए-18 (हरीपुर), एनए-96 और एनए-104 (फैसलाबाद), एनए-129 (लाहौर), एनए-143 (साहीवाल) और एनए-185 (डेरा गाजी खान) शामिल थीं। वहीं पंजाब असेंबली की सात सीटों पर भी चुनाव हुए, जिनमें पीपी-73 (सरगोधा), पीपी-87 (मियांवाली), पीपी-98, पीपी-115, पीपी-116 (फैसलाबाद), पीपी-203 (साहीवाल) और पीपी-269 (मुजफ्फरगढ़) शामिल थीं।
मुजफ्फरगढ़ सीट पर पीपीपी की जीत

अनौपचारिक नतीजों के अनुसार, मुजफ्फरगढ़ की सीट पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने जीत दर्ज की। पीपी-269 मुजफ्फरगढ़ में पीपीपी के मियां आलमदार अब्बास कुरैशी ने 55,868 वोट हासिल किए। उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी और निर्दलीय उम्मीदवार मोहम्मद इकबाल खान पिताफी दूसरे स्थान पर रहे। बाकी सभी सीटों पर PML-N की जीत सुनिश्चित हुई।
PTI का बहिष्कार
ये उपचुनाव पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कई सांसदों की अयोग्यता के बाद कराए गए थे। इन सांसदों को 9 मई की हिंसा से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया था। मुख्य विपक्षी दल PTI ने अधिकांश चुनावों में हिस्सा नहीं लिया। PTI का यह बहिष्कार उपचुनाव के परिणामों पर भी असर डालता नजर आया और PML-N को अपेक्षाकृत आसान जीत मिली।
जानकारी के अनुसार, मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया। चुनाव के दौरान किसी बड़े विवाद या हिंसा की खबर नहीं आई। PML-N के कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाने के लिए मिठाइयां बांटी और पटाखे फोड़े।
PML-N की मजबूत स्थिति
इस उपचुनाव में PML-N की जीत से यह साफ हो गया है कि पार्टी की स्थिति पाकिस्तान में मजबूत बनी हुई है। नेशनल असेंबली और पंजाब प्रांतीय असेंबली में जीत के साथ ही PML-N ने विपक्ष के मुकाबले में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। अब पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आगामी समय में भी वे राजनीतिक मजबूती बनाए रखेंगे।












