संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीज़ा जारी करने की प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह कदम दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता और आपराधिक गतिविधियों की आशंका के कारण उठाया गया है।
World Update: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीज़ा जारी करने की प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कुछ महीनों से कई पाकिस्तानी आवेदकों की वीज़ा अस्वीकृत होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय पाकिस्तानी नागरिकों की आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की चिंताओं के कारण लिया गया है।
संदिग्ध दस्तावेज़ पर चिंता
UAE ने बताया है कि वीज़ा आवेदकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता पर गंभीर संदेह है। अमीराती अधिकारी संकेत दे रहे हैं कि यदि दस्तावेज़ सत्यापन में अपर्याप्त पाए जाते हैं, तो असली दस्तावेज़ भी अस्वीकार किए जा सकते हैं। यह कदम विशेष रूप से आम पासपोर्ट धारकों को प्रभावित कर रहा है। वहीं, राजनयिक और नीले पासपोर्ट धारक इससे अप्रभावित हैं।
पाकिस्तान की चेतावनी

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त आंतरिक सचिव सलमान चौधरी ने मानवाधिकारों पर सीनेट की कार्यात्मक समिति को जानकारी देते हुए बताया कि सऊदी अरब और UAE दोनों ही पाकिस्तानी पासपोर्ट पर औपचारिक प्रतिबंध लगाने के करीब हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम पाकिस्तानियों के पश्चिम एशियाई देशों की यात्रा में संभावित जोखिम और आपराधिक गतिविधियों की वजह से उठाया गया है।
AI आधारित सत्यापन प्रणाली से बढ़ी जाँच
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि UAE अब वीज़ा आवेदन प्रक्रिया में प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के लिए एआई-आधारित प्रणालियों का उपयोग कर रहा है। इससे सभी आवेदनों की जाँच और भी सख्त हो गई है। इस प्रक्रिया के कारण वीज़ा मंजूरी में देरी हो रही है और कई आवेदक अनौपचारिक रूप से प्रभावित हुए हैं।
पाकिस्तान के पूर्व राजदूत ने जताई चिंता
UAE में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत फैसल नियाज तिर्मिज़ी ने वीज़ा जारी न करने के मामले को “गंभीर और महत्वपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि अमीराती अधिकारियों ने पाकिस्तानी शैक्षिक और योग्यता प्रमाणपत्रों की सत्यता पर सवाल उठाए हैं और यदि आवश्यक सत्यापन पर्याप्त नहीं हुआ, तो असली दस्तावेज़ भी अस्वीकार किए जा सकते हैं।











