राजस्थान को बड़ी राहत! शेखावाटी में यमुना जल योजना को हरियाणा ने दी मंजूरी, जल संकट जल्द होगा खत्म

राजस्थान को बड़ी राहत! शेखावाटी में यमुना जल योजना को हरियाणा ने दी मंजूरी, जल संकट जल्द होगा खत्म

राजस्थान के शेखावाटी अंचल में जल उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। अपर यमुना रिव्यू कमेटी की बैठक में हरियाणा ने हथिनी कुंड से हासियावास तक प्रस्तावित अलाइनमेंट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी, जिससे सीकर, झुंझुनू और चूरू तक यमुना का पानी पहुंचाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।

Rajasthan: नोएडा में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में हुई अपर यमुना रिव्यू कमेटी की बैठक में हरियाणा सरकार ने राजस्थान द्वारा प्रस्तावित अलाइनमेंट को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इस फैसले से शेखावाटी अंचल सीकर, झुंझुनू और चूरू तक यमुना का पानी पहुंचाने की योजना को गति मिली है। राजस्थान सरकार द्वारा तैयार की गई अलाइनमेंट के अनुसार कुल 300 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जानी है, जिसमें 290 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में और 10 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान में आएगा। 

अलाइनमेंट सर्वे पहले ही पूरा हो चुका है और अब दोनों राज्यों की संयुक्त टास्क फोर्स डीपीआर को अंतिम रूप देगी। यह परियोजना शेखावाटी के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल संकट को काफी हद तक कम करने की क्षमता रखती है और राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण जल प्रबंधन उपलब्धि मानी जा रही है।

अब केंद्रीय जल आयोग के पास जाएगी डीपीआर

अलाइनमेंट को सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) केंद्रीय जल आयोग को भेजी जाएगी। रिपोर्ट में पाइपलाइन की संरचना, जल प्रवाह की क्षमता, लागत और दोनों राज्यों की साझा तकनीकी जिम्मेदारियों का विस्तृत विवरण शामिल होगा। इसके आधार पर परियोजना के आगे के चरणों की औपचारिक स्वीकृति तय होगी।

बैठक में यह भी बताया गया कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में निर्माणाधीन तीन प्रमुख बांधों का पानी भी राजस्थान को आवंटित किया जाएगा। इन बांधों से मिलने वाला जल भविष्य में शेखावाटी क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई आवश्यकताओं को और अधिक स्थिरता प्रदान करेगा, जिससे जल प्रबंधन व्यवस्था मजबूत होगी।

बैठक में राज्यों की मौजूदगी

अपर यमुना रिव्यू कमेटी की बैठक के दौरान राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का विशेष आभार जताया। बैठक में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया, जिससे परियोजना की अंतर-राज्यीय सहमति और मजबूत हुई।

योजना के पहले चरण में चूरू, सीकर, झुंझुनूं और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जो लंबे समय से जल संकट से जूझ रहे हैं। दूसरे चरण में चूरू जिले के 35,000 हेक्टेयर और झुंझुनूं जिले के 70,000 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इससे शेखावाटी के कृषि ढांचे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।

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