राज्यसभा चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar आज उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरेंगे। इस दौरान Amit Shah की मौजूदगी की चर्चा है। इस कदम से बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं।
Bihar: देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने का आज आखिरी दिन है। इसी बीच बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आ रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar आज राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah भी मौजूद रह सकते हैं।
बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार गुरुवार सुबह करीब 11 बजकर 30 मिनट पर बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस घटनाक्रम को बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। लगभग दो दशक बाद राज्य की सियासत में नया समीकरण बनता दिखाई दे रहा है।
20 साल बाद बदल सकती है बिहार की राजनीति
बिहार की राजनीति में पिछले करीब 20 साल से नीतीश कुमार केंद्रीय भूमिका में रहे हैं। उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री पद संभाला और गठबंधन की राजनीति में अहम भूमिका निभाई। अब उनके राज्यसभा जाने की चर्चा ने राज्य की सत्ता में बदलाव की अटकलों को तेज कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू की बैठक में यह फैसला लिया गया कि नीतीश कुमार अब दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। इसी वजह से उनका राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है। यदि ऐसा होता है तो बिहार की राजनीति में 21 साल बाद नया नेतृत्व सामने आ सकता है।
हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस खबर को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
अमित शाह की मौजूदगी में नामांकन
जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार जब राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करेंगे, उस समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रह सकते हैं। इसे एनडीए के भीतर बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह की मौजूदगी से यह संकेत मिल सकता है कि केंद्र और राज्य स्तर पर एनडीए के भीतर नई रणनीति तैयार की जा रही है। इसी वजह से आज का दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जेडीयू से रामनाथ ठाकुर भी भरेंगे पर्चा
राज्यसभा चुनाव के लिए जेडीयू की ओर से एक और नाम सामने आया है। जेडीयू नेता Ramnath Thakur भी पार्टी उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करेंगे। रामनाथ ठाकुर का राजनीतिक अनुभव भी काफी लंबा रहा है और वह जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। ऐसे में पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में उन्हें भी मैदान में उतारने का फैसला किया है।
क्या बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनेगा
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर के साथ ही बिहार में एक और बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। यह चर्चा है कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हैं तो राज्य में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बन सकता है।
अब तक बिहार में बीजेपी गठबंधन सरकार में रही है, लेकिन मुख्यमंत्री पद जेडीयू के पास ही रहा है। यदि इस बार सत्ता का संतुलन बदलता है तो यह राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव होगा।
नई सरकार को लेकर शुरू हुई चर्चा
नीतीश कुमार के नामांकन के बाद एनडीए के नेताओं की बैठक भी होने की संभावना है। इस बैठक में अमित शाह के शामिल होने की चर्चा है। बैठक में बिहार में नई सरकार के गठन के फार्मूले पर बातचीत हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी अब बिहार में गठबंधन की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी में है। पार्टी राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए अपना चेहरा आगे कर सकती है।
फिलहाल बिहार सरकार में बीजेपी के दो डिप्टी सीएम हैं। इनमें Samrat Choudhary और Vijay Kumar Sinha शामिल हैं। अगर नई सरकार बनती है तो डिप्टी सीएम का फॉर्मूला भी बदल सकता है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि नई सरकार में एक डिप्टी सीएम होगा या दो।
मुख्यमंत्री पद की रेस में कौन
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावना के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए कई नाम चर्चा में आ रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम केंद्रीय मंत्री Nityanand Rai का बताया जा रहा है।
नित्यानंद राय यादव समुदाय से आते हैं और इस समय केंद्र सरकार में राज्यमंत्री हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान सीटों के बंटवारे और संगठनात्मक रणनीति में उनकी अहम भूमिका रही थी।
दूसरा बड़ा नाम सम्राट चौधरी का है। सम्राट चौधरी बिहार में बीजेपी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं और कुशवाहा समुदाय से आते हैं। उनकी संगठनात्मक पकड़ और राजनीतिक अनुभव उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है।










