‘राम’ 403 सीटों पर लड़ेगी चुनाव’: अलंकार बोले– 25 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर ने शंकराचार्य पर लगाए अनर्गल आरोप

‘राम’ 403 सीटों पर लड़ेगी चुनाव’: अलंकार बोले– 25 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर ने शंकराचार्य पर लगाए अनर्गल आरोप
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बरेली: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया दावा सामने आया है। यहां अलंकार ने ऐलान किया कि उनकी राम’ पार्टी राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य प्रदेश की राजनीति में एक नया विकल्प पेश करना है।

अलंकार ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उनकी पार्टी धार्मिक और सामाजिक मूल्यों के साथ राजनीति में प्रवेश कर रही है। उनका दावा है कि प्रदेश के कई जिलों में पार्टी संगठन को मजबूत किया जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग इस अभियान से जुड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जा रहा है। संगठन विस्तार के लिए लगातार बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि हर विधानसभा क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई जा सके।

इस दौरान अलंकार ने एक विवादित मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 25 हजार रुपये के इनामी एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश ने शंकराचार्य के खिलाफ अनर्गल और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं बल्कि समाज में भ्रम फैलाने का काम भी करते हैं।

अलंकार ने कहा कि संतों और धार्मिक गुरुओं के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी पूरी तरह गलत है। उनका कहना है कि समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी धर्म और संस्कृति के सम्मान के साथ राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की बात करती है। पार्टी का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास और सुशासन की दिशा में काम करना है।

अलंकार के अनुसार, आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पार्टी के बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर दिया जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा किसी भी नई या छोटी पार्टी के लिए बड़ी चुनौती होता है। इसके लिए मजबूत संगठन, संसाधन और व्यापक जनसमर्थन की जरूरत होती है।

फिलहाल अलंकार के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीतिक हलचल में एक नई चर्चा शुरू हो गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी पार्टी आगामी चुनावों में किस तरह अपनी रणनीति को जमीन पर उतारती है और मतदाताओं के बीच कितना प्रभाव बना पाती है।

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