सीकर में लेपर्ड का आतंक: हमले में 2 ग्रामीण घायल, जांच में जुटा वन विभाग

सीकर में लेपर्ड का आतंक: हमले में 2 ग्रामीण घायल, जांच में जुटा वन विभाग
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सीकर के लक्ष्मणगढ़ में लेपर्ड ने बनाई गांव में दो ग्रामीणों पर हमला किया। वन विभाग ने खेत घेरकर उसे पकड़ने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों से सतर्क रहने और बच्चों को अकेला न छोड़ने की अपील की गई।

Sikar: लक्ष्मणगढ़ के बनाई गांव में लेपर्ड ने भागीरथ और मुकनाराम पर हमला किया। हमले में भागीरथ के हाथ और मुकनाराम के पैर में चोटें आईं। दोनों का इलाज जिला अस्पताल में किया गया और फिर उन्हें छुट्टी दे दी गई। ग्रामीणों के अनुसार, लेपर्ड अभी भी सरसों के खेत में छिपा हुआ है।

वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर खेत को चारों ओर से घेर लिया और लेपर्ड को पकड़ने का प्रयास शुरू किया। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, रात में घरों से बाहर न निकलने और बच्चों को अकेला न छोड़ने की सलाह दी।

पहली बार नेछवा में नजर आया

इस क्षेत्र में लेपर्ड की पहली गतिविधि 21 दिसंबर को नेछवा क्षेत्र की चारणों की ढाणी में दर्ज की गई थी। उस समय वन विभाग और ग्रामीणों ने लेपर्ड को सरसों के खेत में घेरा, लेकिन रात होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं हो सका। सुबह होने से पहले लेपर्ड वहां से निकल गया।

वन विभाग ने इसके बाद पगमार्क के आधार पर कई गांवों में उसकी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। जयपुर से आई टीम अगले दिन लौट गई, जबकि सीकर वन विभाग लगातार लेपर्ड की गतिविधियों पर नजर रख रहा है।

जेठवा और बनाई गांव में फिर दिखा लेपर्ड

बुधवार शाम को फतेहपुर उपखंड के जेठवा का बास में लेपर्ड की गतिविधि देखी गई थी। वन विभाग ने वहां पिंजरा और जाल लगाए, लेकिन लेपर्ड वहां से भी निकल गया। गुरुवार को लक्ष्मणगढ़ के बनाई गांव में उसकी मौजूदगी सामने आई।

वन विभाग की टीम लगातार प्रयास कर रही है कि लेपर्ड को सुरक्षित ढंग से पकड़ लिया जाए। ग्रामीणों का मानना है कि क्षेत्र में एक ही लेपर्ड लगातार अलग-अलग गांवों में घूम रहा है।

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