सेव टमाटर की सब्जी राजस्थान और गुजरात का एक बहुत ही लोकप्रिय और झटपट बनने वाला व्यंजन है। इसमें रसीले टमाटरों की खट्टी-मीठी और मसालेदार ग्रेवी में मोटे बेसन के सेव (रतलामी सेव) डाले जाते हैं। जब घर में कोई हरी सब्जी न हो, तो यह एक बेहतरीन और स्वादिष्ट विकल्प है जो खाने का स्वाद बढ़ा देता है।
सामग्री
- मुख्य: मोटे बेसन के सेव (1 कप), बारीक कटे टमाटर (3-4 मध्यम आकार के)।
- तड़का: तेल/घी, राई, जीरा, हींग, बारीक कटी हरी मिर्च और अदरक।
- मसाले: हल्दी पाउडर, कश्मीरी लाल मिर्च, धनिया पाउडर, गरम मसाला, नमक (स्वादानुसार), थोड़ी चीनी/गुड़ (वैकल्पिक, खटास बैलेंस करने के लिए)।
- गार्निश: हरा धनिया।
बनाने की विधि
- तड़का: कड़ाही में तेल गरम करें। इसमें राई, जीरा, हींग और हरी मिर्च-अद्रक डालकर भूनें।
- ग्रेवी: अब कटे हुए टमाटर और नमक डालें। ढक्कन लगाकर टमाटरों को पूरी तरह गलने (mushy होने) तक पकाएं।
- मसाले: अब हल्दी, लाल मिर्च और धनिया पाउडर डालें। मसाले को तब तक भूनें जब तक वह तेल न छोड़ दे।
- पानी: आवश्यकतानुसार पानी (लगभग 1-1.5 कप) डालें और ग्रेवी में उबाल आने दें।
- सेव: जब ग्रेवी उबल जाए, तो गैस बंद कर दें या एकदम धीमा कर दें। अंत में सेव डालें और हरे धनिये से सजाएं। (ध्यान रखें: सेव परोसने के ठीक पहले डालें ताकि वे गल न जाएं)।
परोसने का तरीका
इस सब्जी का असली मज़ा गर्मा-गर्म पराठे या फुलका रोटी के साथ आता है। इसे "थेपला" (गुजराती रोटी) या जीरा राइस के साथ भी परोसा जा सकता है। परोसते समय ऊपर से थोड़े कच्चे सेव और हरा धनिया बुरकने से इसका स्वाद और क्रंच बढ़ जाता है।
खाने के फायदे
टमाटर विटामिन C और लाइकोपीन का मुख्य स्रोत है, जो त्वचा को चमकदार बनाता है और हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। बेसन के सेव से शरीर को प्रोटीन मिलता है जो ऊर्जा बनाए रखता है। इसमें उपयोग होने वाले मसाले जैसे हींग और जीरा पाचन तंत्र को सुधारते हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर एक हल्का भोजन है।













