उत्तर प्रदेश के अयोध्या सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने सोमवार को अपने परिवार के साथ श्री राम मंदिर का दर्शन किया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की और मंदिर के भव्य निर्माण की खुलकर तारीफ की।
अयोध्या: उत्तर प्रदेश की अयोध्या सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने सोमवार को अपने परिवार के साथ श्री राम मंदिर का भव्य दर्शन किया। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर निर्माण की तारीफ की और सरकार से यह मांग की कि राम मंदिर के निर्माण में लगे मजदूरों और कारीगरों को उनके योगदान के लिए उचित सम्मान दिया जाए।
श्री राम मंदिर का भव्य निर्माण
अवधेश प्रसाद ने मंदिर के दर्शन के बाद कहा,
'मैंने अपने परिवार के साथ प्रभु श्री राम मंदिर का दर्शन किया और पूजा की। यह मंदिर वास्तव में बहुत ही सुंदर और भव्य बना है। प्रभु श्री राम का यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए गर्व का विषय होगा। अभी मंदिर को पूरी तरह से तैयार होने में कम से कम एक साल का समय और लगेगा, लेकिन अब तक जो निर्माण हुआ है, वह अत्यंत उत्कृष्ट है।'
उन्होंने यह भी कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की वास्तुकला और चित्रकारी अद्भुत है। मंदिर की दीवारों पर बने चित्र और मूर्तियां भारतीय संस्कृति और परंपरा का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करती हैं।
मजदूरों और कारीगरों का योगदान
सांसद ने मंदिर निर्माण में लगे मजदूरों और कारीगरों की मेहनत को विशेष रूप से सराहा। अवधेश प्रसाद ने कहा,
'मंदिर की दीवारों और चित्रकारी को देखकर स्पष्ट होता है कि इसमें हमारे देश के मजदूरों और कारीगरों का अत्यधिक योगदान है। उनकी कला और मेहनत ने इस भव्य निर्माण को संभव बनाया। हालांकि, जो सम्मान उन्हें मिलना चाहिए, वह अभी तक नहीं मिल पाया है।'
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि मजदूरों और कारीगरों का योगदान केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने मंदिर की शिल्पकला और हर विवरण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया है।

सरकार से मजदूरों के सम्मान की मांग
अवधेश प्रसाद ने सरकार से अपील की कि राम मंदिर के निर्माण में लगे सभी कारीगरों और मजदूरों को सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा, मैं सरकार से यह मांग करता हूं कि जिन मजदूरों और कारीगरों ने इस मंदिर के निर्माण में अपना जीवन समर्पित किया है, उन्हें उचित सम्मान दिया जाए। एक सूची तैयार की जाए जिसमें उनके नाम और योगदान दर्ज हों। इससे न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि जब देश और दुनिया के लोग राम मंदिर का दर्शन करने आएंगे, तब वे यह जान सकेंगे कि इस भव्य निर्माण में किन कारीगरों और कलाकारों ने अहम भूमिका निभाई।
सांसद का यह बयान मंदिर निर्माण में श्रमिकों की भूमिका को वैश्विक स्तर पर मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनके अनुसार, यह कदम न केवल श्रमिकों के सम्मान को बढ़ाएगा, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा।
अवधेश प्रसाद ने यह भी कहा कि राम मंदिर का निर्माण भारतीय संस्कृति और धार्मिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए गर्व और आस्था का केंद्र बना रहेगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस भव्य निर्माण में लगे मजदूरों और कारीगरों की सराहना करना समाज और सरकार की जिम्मेदारी है।












