टाटा डिजिटल में बड़े बदलाव की संभावना! क्या बड़े पैमाने पर छंटनी कर्मचारियों के लिए बनेगी चिंता का कारण?

टाटा डिजिटल में बड़े बदलाव की संभावना! क्या बड़े पैमाने पर छंटनी कर्मचारियों के लिए बनेगी चिंता का कारण?

TCS के बाद अब टाटा डिजिटल में भी बड़े पैमाने पर छंटनी की संभावना है। CEO सजित शिवनंदन की नई रणनीति में ऑपरेशन सुधार, BB Now और टाटा न्यू की स्थिरता पर ध्यान केंद्रित है।

Business: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बाद अब टाटा डिजिटल में भी कर्मचारियों की छंटनी की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लागत कम करने और ऑपरेशन को सुव्यवस्थित करने के लिए कंपनी अपने कर्मचारियों का 50% से अधिक हिस्सा निकाल सकती है। यह खबर कर्मचारियों में चिंता और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रही है। हालांकि, टाटा डिजिटल ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

CEO सजित शिवनंदन का नया दृष्टिकोण

टाटा डिजिटल इस समय बड़े रणनीतिक बदलाव कर रही है। नए CEO सजित शिवनंदन ने इस साल सितंबर में पदभार संभाला। शिवनंदन ने पहले जियो मोबाइल डिजिटल सर्विसेज के प्रेसिडेंट के रूप में काम किया है। उनका ध्यान ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) आधारित ग्रोथ मॉडल से हटकर ग्रुप-लेवल इंटीग्रेशन पर है। इन बदलावों के तहत टाटा डिजिटल अपने सुपर ऐप टाटा न्यू के ऑपरेशन को आसान और अधिक सस्टेनेबल बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है।

बिगबास्केट और क्रोमा में रणनीतिक रिव्यू

टाटा ग्रुप पहले ही टाइटन, IHCL, टाटा मोटर्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स से डिजिटल मार्केटिंग के मैन्डेट्स सेंट्रलाइज कर चुका है। वहीं, बिगबास्केट और क्रोमा में रणनीतिक रिव्यू चल रहा है। CEO सजित शिवनंदन दोनों टीमों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि कामकाज को पूरा करने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जा सके। विशेष रूप से बिगबास्केट के BB Now प्लेटफॉर्म पर फोकस बढ़ाया गया है, जिसका मुकाबला ब्लिंकिट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट जैसे तेज़ी से बढ़ते क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से है।

क्विक-कॉमर्स में तेज़ी

क्विक-कॉमर्स सेगमेंट में डिलीवरी समय घट रहा है, जिससे पुराने प्लेटफॉर्म जैसे बिगबास्केट को अपनी सेवाओं को तेज़ बनाना पड़ रहा है। BB Now ऑपरेशन में सुधार के साथ फुल-स्टैक ग्रोसरी सप्लाई चेन का फायदा भी उठाया जा रहा है। इससे कंपनी अपने ग्राहकों को बेहतर अनुभव दे रही है और प्रतिस्पर्धा में बने रहने की कोशिश कर रही है।

सीनियर लेवल पर बदलाव 

साल 2021 से टाटा ग्रुप लगातार सीनियर लेवल स्ट्रक्चर में बदलाव कर रहा है। इसका उद्देश्य टाटा न्यू को एक स्थिर और सस्टेनेबल सुपर ऐप बनाना है। CEO सजित शिवनंदन की नियुक्ति के बाद टीम में बदलाव और ऑपरेशन सुधार की प्रक्रिया तेज हुई है। यह कदम कंपनी के दीर्घकालिक विकास और संचालन को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऑपरेटिंग रेवेन्यू में गिरावट 

FY25 में टाटा डिजिटल का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 13.8% की गिरावट के साथ 32,188 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट लॉस FY24 में 1,201 करोड़ रुपये से घटकर 828 करोड़ रुपये रह गया। नई लीडरशिप टीम के सामने अब चुनौती यह है कि वे टाटा न्यू को अधिक स्थिर और सस्टेनेबल ग्रोथ की दिशा में ले जाएं। कर्मचारियों की छंटनी और ऑपरेशन सुधार इसी रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।

यदि 50% से अधिक कर्मचारियों की छंटनी होती है, तो इससे कर्मचारियों में चिंता और असुरक्षा का माहौल बनेगा। दूसरी ओर, टाटा डिजिटल की नई रणनीति और CEO का दृष्टिकोण कंपनी के लंबे समय के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। कर्मचारियों और निवेशकों दोनों के लिए अब कंपनी की आधिकारिक घोषणाओं और अपडेट पर नजर बनाए रखना आवश्यक है।

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