ट्रंप की कार्रवाई पर चीन ने जताई चिंता, वेनेजुएला में विवाद का समाधान कूटनीति से करने की अपील

ट्रंप की कार्रवाई पर चीन ने जताई चिंता, वेनेजुएला में विवाद का समाधान कूटनीति से करने की अपील

अमेरिका द्वारा मादुरो की गिरफ्तारी के बाद चीन ने तुरंत रिहाई की मांग की और सैन्य हस्तक्षेप की निंदा की। वैश्विक समुदाय में चिंता बढ़ी है, जबकि ट्रंप की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।

World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अपदस्थ करने और गिरफ्तार करने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने इस कदम के माध्यम से वेनेजुएला पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कही है, लेकिन वैश्विक स्तर पर इसे व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। रूस और अन्य देशों के बाद अब चीन ने भी इस मामले में अपनी नाराजगी जाहिर की है और मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की है।

अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में चिंता

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है। चीन ने अमेरिका के इस कदम को न सिर्फ गैरकानूनी बताया, बल्कि इसे वर्चस्ववादी और खतरनाक भी करार दिया। चीन के विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि अमेरिका का यह कदम अंतरराष्ट्रीय संबंधों, संयुक्त राष्ट्र के चार्टर और बुनियादी कानूनों का उल्लंघन है।

चीन ने अमेरिका से अपील की है कि वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति और उनकी पत्नी की सुरक्षा सुनिश्चित करें और उन्हें तुरंत रिहा करें। साथ ही चीन ने अमेरिका को चेताया कि वेनेजुएला सरकार को अस्थिर करने या सत्ता परिवर्तन का प्रयास न करें। चीन का कहना है कि बातचीत और कूटनीति के जरिए ही विवाद का समाधान होना चाहिए।

मादुरो की गिरफ्तारी से चीन स्तब्ध

चीन ने अमेरिकी कार्रवाई को देखकर स्पष्ट कहा कि यह एक संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ फोर्स का इस्तेमाल है और यह अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। चीनी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका का यह कदम लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। चीन ने इसे वर्चस्ववादी कदम करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की।

बीजिंग में मादुरो की गिरफ्तारी को भारी झटका माना जा रहा है। मादुरो का शासनकाल चीन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है क्योंकि ह्यूगो शावेज़ के समय से ही वेनेजुएला और चीन के बीच घनिष्ठ संबंध रहे हैं। ऊर्जा, निवेश और भू-राजनीतिक सहयोग के लिहाज से वेनेजुएला चीन के लिए एक अहम साथी रहा है।

ट्रंप की रणनीति पर सवाल

ट्रंप ने मादुरो को हटाने के बाद वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रभाव बढ़ाने की बात कही है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका देश में स्थिरता लाने के लिए हर संभव कदम उठाएगा। हालांकि, चीन और अन्य अंतरराष्ट्रीय शक्तियों की प्रतिक्रिया को देखते हुए यह साफ है कि ट्रंप की यह रणनीति आसान नहीं है। अमेरिका के भीतर भी विपक्षी दलों ने ट्रंप के कदम की आलोचना की है और कहा है कि यह कार्रवाई तनाव और जोखिम बढ़ा सकती है।

चीन का अनुरोध

चीन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति और उनकी पत्नी की तत्काल सुरक्षा और रिहाई जरूरी है। इसके अलावा चीन ने अमेरिका से कहा कि वे किसी भी तरह का जबरन सत्ता परिवर्तन या सैन्य हस्तक्षेप न करें। चीन का यह रुख वैश्विक समुदाय के लिए भी संदेश है कि अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता का सम्मान जरूरी है।

चीन ने इस अवसर पर यह भी जोर दिया कि विवाद का हल बातचीत के जरिए ही संभव है। अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप और मादुरो की गिरफ्तारी से क्षेत्रीय स्थिरता खतरे में पड़ सकती है। चीन का यह बयान वेनेजुएला संकट के वैश्विक प्रभाव को और स्पष्ट करता है।

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