उदयनिधि स्टालिन ने केंद्र पर साधा निशाना, हिंदी थोपने पर दी चेतावनी

उदयनिधि स्टालिन ने केंद्र पर साधा निशाना, हिंदी थोपने पर दी चेतावनी

चेन्नई में आयोजित समिट में उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने केंद्र पर राज्यों के अधिकारों पर कब्जा करने और तमिलनाडु पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने मेट्रो परियोजना, जनहित और राज्य की भाषा-संस्कृति की सुरक्षा पर जोर दिया।

Tamil Nadu: चेन्नई में सोमवार तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कोयंबटूर मेट्रो परियोजना पर राज्य सरकार लगातार काम कर रही है और जो उपलब्धि दिखाई जा रही है, वह हमारी जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अपेक्षाओं के अनुसार उनकी टीम लगातार काम कर रही है। उदयनिधि स्टालिन ने एबीपी नेटवर्क को दोबारा आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद भी दिया।

उन्होंने बताया कि मेट्रो परियोजना की मंजूरी में देरी का कारण केवल जनसंख्या का आंकड़ा बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु राज्य के हित में यह परियोजना लगातार आगे बढ़ रही है और यह क्षेत्रवासियों की सुविधा और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकसित की जा रही है।

केंद्र सरकार पर आरोप

उदयनिधि स्टालिन ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह सभी शक्तियों को अपने हाथ में केंद्रीकृत करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों को राजनीतिक रूप से कमजोर और राजनीतिक रूप से मजबूत राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि धीरे-धीरे सत्ता केंद्र में इकट्ठा हो रही है और इससे राज्यों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु कई महत्वपूर्ण मुद्दों में परेशान है। जैसे टैक्सों का गलत बंटवारा, फंड रोकना, नई शिक्षा नीति और भविष्य में होने वाला परिसीमन। इन मामलों के कारण राज्य की राजनीतिक और आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

हिंदी थोपने पर चेतावनी

उदयनिधि स्टालिन ने भाषाई मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार तमिलनाडु पर हिंदी या किसी अन्य भाषा थोपने की कोशिश करती है, तो राज्य इसके खिलाफ मजबूती से खड़ा होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि तमिल कभी भी तीन भाषा वाले फॉर्मूले को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु अपनी भाषा और संस्कृति की रक्षा के लिए हमेशा सतर्क रहेगा।

उदयनिधि ने यह भी कहा कि राज्य संवैधानिक रूप से अधिकारों के लिए संशोधन चाहता है ताकि राज्यों को अधिक शक्ति मिले और भारत एक मजबूत संघ के रूप में कार्य कर सके।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु संविधान और संघीय ढांचे के प्रति प्रतिबद्ध है। लेकिन यदि केंद्र राज्यों के अधिकारों का उल्लंघन करता है, तो राज्य अपनी भाषा, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य संवैधानिक संशोधनों के माध्यम से अधिक अधिकार चाहता है ताकि विकास और जनहित सुनिश्चित किया जा सके।

उदयनिधि ने केंद्र से अपील की कि राज्यों को स्वतंत्र रूप से विकास और जनहित के निर्णय लेने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि तभी भारत में संघीय ढांचे का सही पालन होगा और प्रत्येक राज्य अपनी पहचान और विकास को सुनिश्चित कर सकेगा।

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