उत्तर प्रदेश के उन्नाव रेप केस से जुड़ी एक अहम सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट में होने जा रही है। आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत के खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
नई दिल्ली: भारत के चर्चित उन्नाव रेप केस में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। इस मामले के मुख्य आरोपी और उत्तर प्रदेश के पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मिली जमानत के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। आज इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसे देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीरता से देखा जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
CBI द्वारा दायर याचिका पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई करेगी। इस पीठ में न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह भी शामिल हैं। CBI ने अपनी याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई जमानत को रद्द करने की मांग की है।
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के कुछ वकीलों द्वारा भी अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है। इन सभी याचिकाओं पर आज एक साथ सुनवाई होने की संभावना है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्यों दी थी जमानत
23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को सशर्त जमानत दी थी। हाईकोर्ट का तर्क था कि सेंगर पहले ही करीब सात साल पांच महीने जेल में बिता चुका है और इस आधार पर उसकी सजा को रद्द करते हुए उसे जमानत दी गई। सेंगर 2017 के उन्नाव बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।
हालांकि, इस फैसले के बाद से ही देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। सामाजिक संगठनों, महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने इस फैसले को न्याय के खिलाफ बताया।
रेप पीड़िता और परिवार का विरोध
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ रेप पीड़िता खुद सामने आई है। शनिवार को वह दिल्ली स्थित CBI कार्यालय पहुंची, जहां उसने कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत के खिलाफ औपचारिक आवेदन दिया। पीड़िता की मां और सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना भी उसके साथ हैं। 23 दिसंबर से ही पीड़िता, उसका परिवार और कई एक्टिविस्ट धरने पर बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि इस तरह के मामलों में दोषियों को राहत देना न केवल पीड़िता बल्कि पूरे समाज के लिए गलत संदेश देता है।
कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत के खिलाफ दिल्ली समेत कई शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करे और आरोपी की जमानत तुरंत रद्द की जाए। महिला संगठनों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा है।












