उत्तर प्रदेश में लेखपाल की नौकरी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती है। फिलहाल इस पद पर 7वें वेतन आयोग के अनुसार सैलरी दी जाती है, जिसमें बेसिक वेतन के साथ कई भत्ते शामिल होते हैं। भविष्य में 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर लेखपाल की सैलरी में बड़ा इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
UP Lekhpal Salary: उत्तर प्रदेश में लेखपाल का पद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र माना जाता है। फिलहाल राज्य में लेखपालों को 7वें वेतन आयोग के तहत वेतन दिया जाता है, जिसमें लगभग 21,700 रुपये बेसिक सैलरी के साथ महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और यात्रा भत्ता जैसे लाभ शामिल होते हैं। इन भत्तों को जोड़ने के बाद लेखपाल की इन-हैंड सैलरी करीब 30,000 से 35,000 रुपये तक पहुंच जाती है। वहीं 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से बेसिक सैलरी में भी बड़ा बदलाव संभव माना जा रहा है।
वर्तमान में कितनी मिलती है लेखपाल की सैलरी
उत्तर प्रदेश में लेखपाल का पद पे लेवल-1 के अंतर्गत आता है। इसके तहत एक लेखपाल की बेसिक सैलरी लगभग 21,700 रुपये होती है। हालांकि सरकारी नौकरी में केवल बेसिक सैलरी ही नहीं मिलती, बल्कि कई तरह के भत्ते भी इसमें शामिल होते हैं।
इन भत्तों में महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और यात्रा भत्ता (TA) जैसे लाभ शामिल होते हैं। जब इन सभी भत्तों को जोड़ दिया जाता है तो कुल मासिक आय बढ़ जाती है और एक लेखपाल को लगभग 30,000 से 35,000 रुपये तक इन-हैंड सैलरी मिल सकती है।

लेखपाल की जिम्मेदारियां क्यों होती हैं अहम
लेखपाल राजस्व विभाग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक माना जाता है। गांव स्तर पर जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को संभालना और सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी तैयार करना इस पद की मुख्य जिम्मेदारी होती है।
इसके अलावा खेतों का विवरण रखना, जमीन का रिकॉर्ड अपडेट करना और प्रशासन को जरूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराना भी लेखपाल के काम में शामिल होता है। इसी कारण ग्रामीण प्रशासन और भूमि प्रबंधन में इस पद की भूमिका काफी अहम मानी जाती है।
8वें वेतन आयोग से सैलरी में कितना बदलाव संभव
सरकारी कर्मचारियों के बीच इस समय सबसे ज्यादा चर्चा 8वें वेतन आयोग को लेकर है। रिपोर्ट्स के अनुसार अगर नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.5 या उससे अधिक तय किया जाता है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा हो सकता है।
ऐसे में अगर मौजूदा बेसिक सैलरी 21,700 रुपये मानी जाए तो यह बढ़कर लगभग 54,000 से 57,000 रुपये तक पहुंच सकती है। बेसिक सैलरी बढ़ने के साथ-साथ महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य भत्तों में भी वृद्धि हो सकती है, जिससे कुल सैलरी और अधिक हो जाएगी।









