वेनेजुएला में सत्ता संघर्ष के बीच डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति पद की शपथ ली है। शपथ के बाद उन्होंने अमेरिका पर तीखा हमला बोला और देश की संप्रभुता से समझौता न करने का संदेश दिया।
Venezuela: वेनेजुएला की राजनीति में बड़ा और नाटकीय मोड़ सामने आया है। देश की उपराष्ट्रपति रहीं डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति (Interim President) के तौर पर शपथ ले ली है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा कराई गई इस शपथ के साथ ही वेनेजुएला में सत्ता संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय तनाव और तेज हो गया है। डेल्सी रोड्रिगेज अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के करीबी समूह का हिस्सा मानी जाती हैं और उनके तेवर पहले दिन से ही बेहद आक्रामक नजर आए।
शपथ के दौरान भावुक लेकिन सख्त बयान
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका पर सीधे शब्दों में हमला बोला। उन्होंने कहा कि वह उस पीड़ा के साथ सत्ता संभाल रही हैं, जो अवैध सैन्य आक्रामकता (Illegal Military Aggression) के बाद वेनेजुएला के लोगों को झेलनी पड़ी है। उनका यह बयान साफ संकेत देता है कि नई अंतरिम सरकार अमेरिका के दबाव में झुकने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की मातृभूमि पर हमला हुआ है और वेनेजुएला इसका कड़ा जवाब देगा।
चीन, रूस और ईरान से खुला समर्थन
शपथ के तुरंत बाद डेल्सी रोड्रिगेज चीन, रूस और ईरान के राजदूतों से गले मिलीं। यह दृश्य केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि एक मजबूत geopolitical message भी था। रोड्रिगेज ने अमेरिका को यह संदेश दिया कि वेनेजुएला अकेला नहीं है और जिन देशों ने अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का विरोध किया है, वे आज उसके साथ खड़े हैं। यह समर्थन आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति में नई खींचतान पैदा कर सकता है।
मादुरो के बेटे की भावुक अपील
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के बेटे ने असेंबली में भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि आप सभी ने हमें मजबूत बनाया है और हमारी मातृभूमि सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही वेनेजुएला में अपने समर्थकों से मुलाकात होगी। इस दौरान अमेरिका की कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई और इसे देश की संप्रभुता (Sovereignty) पर सीधा हमला बताया गया।
ट्रंप की चेतावनी

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर अंतरिम राष्ट्रपति अमेरिका की शर्तें नहीं मानती हैं, तो आगे भी सैन्य कार्रवाई (Military Action) की जा सकती है। ट्रंप का यह बयान वेनेजुएला में तनाव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका फिलहाल दबाव की नीति अपनाए हुए है, लेकिन हालात बिगड़ने पर स्थिति नियंत्रण से बाहर भी जा सकती है।
कराकास में फायरिंग से दहशत
डेल्सी रोड्रिगेज के शपथ ग्रहण के बाद वेनेजुएला की राजधानी कराकास में फायरिंग की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति भवन के आसपास गोलियां चलीं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि फायरिंग किसने की और इसका मकसद क्या था। लेकिन इस घटना ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि देश के अंदर हालात बेहद नाजुक हैं।
कौन हैं डेल्सी रोड्रिगेज
डेल्सी रोड्रिगेज 56 साल की हैं और उनका जन्म 18 मई 1969 को कराकास में हुआ था। वह वेनेजुएला की मूल निवासी हैं और एक राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनके पिता जॉर्ज एर्टनिये रोड्रिगेज वामपंथी गुरिल्ला लड़ाके थे और उन्होंने 1970 के दशक में अपनी क्रांतिकारी पार्टी बनाई थी। इसी पृष्ठभूमि का असर डेल्सी रोड्रिगेज की राजनीति में भी साफ दिखता है।
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, डेल्सी रोड्रिगेज ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ वेनेजुएला से कानून (Law) की पढ़ाई की। उन्होंने अपने सरकारी करियर की शुरुआत 2003 में की और उपराष्ट्रपति कार्यालय में जनरल कोऑर्डिनेशन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। इसके बाद वह तेजी से राजनीतिक सीढ़ियां चढ़ती चली गईं।
चावेज सरकार में अहम भूमिका
फरवरी 2006 से अगस्त 2006 तक डेल्सी रोड्रिगेज, राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज के कार्यकाल में राष्ट्रपति मामलों की मंत्री रहीं। इसके बाद उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया और मादुरो सरकार की सबसे भरोसेमंद नेताओं में शुमार हो गईं। उनके साम्राज्यवाद विरोधी (Anti-Imperialism) बयानों की वजह से ही मादुरो ने उन्हें ‘शेरनी’ का उपनाम दिया था।











