भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज़ 30 नवंबर 2025 से शुरू हो रही है। पहला मैच रांची के JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम में, दूसरा 3 दिसंबर को रायपुर में और आखिरी मुकाबला 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाएगा।
स्पोर्ट्स न्यूज़: वनडे क्रिकेट में गेंदबाजों का प्रदर्शन अक्सर उनकी इकोनॉमी और विकेट लेने की क्षमता से मापा जाता है, लेकिन एक और सांख्यिकीय पहलू है जो किसी गेंदबाज की नियंत्रण क्षमता और लाइन-लेंथ को दर्शाता है मेडन ओवर। वनडे फॉर्मेट में हर बॉल का महत्व होता है, ऐसे में मेडन ओवर डालना बल्लेबाजों पर दबाव बनाने का एक बेहतरीन तरीका माना जाता है।
क्रिकेट इतिहास में कुछ महान गेंदबाज ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपने अनुशासित गेंदबाजी कौशल से मेडन ओवर की कला को नई ऊंचाई दी। वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा मेडन ओवर डालने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में दक्षिण अफ्रीका के महान गेंदबाज शॉन पोलॉक सबसे ऊपर हैं, जबकि लिस्ट में भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव भी शामिल हैं।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 30 नवंबर 2025 से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के बीच यह आंकड़ा एक बार फिर चर्चा में है। आइए नजर डालते हैं उन टॉप-5 गेंदबाजों पर जिन्होंने वनडे फॉर्मेट में सबसे ज्यादा मेडन ओवर फेंककर इतिहास रच दिया।

1. शॉन पोलॉक — 313 मेडन ओवर (दक्षिण अफ्रीका)
दक्षिण अफ्रीका के स्टार तेज गेंदबाज शॉन पोलॉक इस सूची में पहले स्थान पर हैं। पोलॉक ने अपने करियर में कुल 303 वनडे खेले और 313 मेडन ओवर डाले। उनकी गेंदबाजी की सटीकता और निरंतरता उन्हें वनडे फॉर्मेट में सबसे विश्वसनीय गेंदबाजों में से एक बनाती है। अपने करियर में उन्होंने 393 विकेट चटकाए, जिनमें कई मैचों में उनके मेडन ओवर निर्णायक साबित हुए। पोलॉक का कंट्रोल्ड स्विंग, सटीक लाइन-लेंथ और किफायती गेंदबाजी उन्हें इस फॉर्मेट का महारथी बनाती है।
2. ग्लेन मैक्ग्रा — 279 मेडन ओवर (ऑस्ट्रेलिया)
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। मैक्ग्रा ने 250 वनडे मैचों में 279 मेडन ओवर फेंके। अपने शानदार करियर में उन्होंने 381 विकेट लिए और उनकी गेंदबाजी का एक मुख्य हथियार था बल्लेबाजों पर बिना किसी अतिरिक्त जोखिम के लगातार दबाव बनाए रखना। मैक्ग्रा अपनी क्लीन लाइन और ऑफ-स्टंप के बाहर लगातार एक जैसी गेंद डालने की क्षमता के लिए जाने जाते थे। उनकी यह खासियत उन्हें क्रिकेट इतिहास के महानतम तेज गेंदबाजों में शामिल करती है।

3. चमिंडा वास — 279 मेडन ओवर (श्रीलंका)
श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज चमिंडा वास इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं। वास ने 322 वनडे मुकाबलों में 279 मेडन ओवर फेंके। अपने करियर के दौरान उन्होंने 400 वनडे विकेट लिए और वे गेंद को दोनों दिशाओं में स्विंग कराने के लिए प्रसिद्ध थे। वास की गेंदबाजी में विविधता थी और धीमी बॉल, स्विंग और यॉर्कर के शानदार प्रयोग से वे बल्लेबाजों को लगातार परेशान करते रहते थे।
4. वसीम अकरम — 237 मेडन ओवर (पाकिस्तान)
पाकिस्तान के दिग्गज लेफ्ट-आर्म स्विंग गेंदबाज वसीम अकरम चौथे स्थान पर हैं। अकरम ने 356 वनडे मैचों में 237 मेडन डाले और अपने करियर में कुल 502 विकेट चटकाए — जो वनडे इतिहास के सर्वोच्च आंकड़ों में से एक है। 'सुल्तान ऑफ स्विंग' के नाम से मशहूर अकरम की रफ्तार और मूवमेंट दोनों ही बल्लेबाजों के लिए भय का कारण थे। महत्वपूर्ण मौकों पर उनकी कसी हुई गेंदबाजी टीम के लिए मैच-विनर साबित होती रही है।

5. कपिल देव — 235 मेडन ओवर (भारत)
टीम इंडिया के दिग्गज ऑलराउंडर और 1983 विश्व कप के नायक कपिल देव इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं। कपिल ने 225 वनडे मैचों में 235 मेडन ओवर फेंके और अपने शानदार करियर के दौरान 253 विकेट लिए। भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजी की नींव रखने वाले कपिल देव अपनी फिटनेस, गति और स्विंग के लिए जाने जाते थे। उनकी किफायती गेंदबाजी ने भारत को कई महत्वपूर्ण मैचों में बढ़त दिलाई।












