यूक्रेन युद्ध को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता 95 फीसदी पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जमीन विवाद अभी सबसे बड़ी बाधा है और अभी समझौता करना बेहतर होगा।
America: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता (Peace Talks) लगभग 95 फीसदी सफल हो चुकी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर अभी समझौता (Agreement) कर लिया जाए तो यह सभी के लिए बेहतर होगा। ट्रंप के इस बयान को वैश्विक राजनीति में एक अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि यह बयान ऐसे समय आया है जब युद्ध को लंबा समय हो चुका है और दोनों देशों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
जमीन का विवाद बना सबसे बड़ी बाधा
डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि शांति समझौते के रास्ते में सबसे बड़ी अड़चन जमीन का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि रूस द्वारा कब्जा की गई जमीन पर अब भी पेंच फंसा हुआ है। ट्रंप का इशारा पूर्वी डोनबास (Donbas Region) की ओर था, जिस पर रूस ने कब्जा कर रखा है। उनके अनुसार, यही वह मुद्दा है जिसे सुलझाए बिना अंतिम समझौता संभव नहीं है। ट्रंप ने यह भी माना कि यह एक संवेदनशील मसला है और दोनों पक्षों के लिए भावनात्मक रूप से भी काफी कठिन है।
जेलेंस्की के साथ अहम बैठक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच हुई इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन ने इस युद्ध में असाधारण बहादुरी दिखाई है। उन्होंने जेलेंस्की की तारीफ करते हुए कहा कि यूक्रेनी जनता और सेना ने भारी नुकसान झेलने के बावजूद मजबूती से मुकाबला किया है। ट्रंप के मुताबिक, इसी वजह से अब यह सही समय है कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए शांति की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
पुतिन से पहले हुई लंबी बातचीत
जेलेंस्की से मुलाकात से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बातचीत की थी। यह बातचीत दो घंटे से ज्यादा समय तक चली। ट्रंप ने इस बातचीत को सकारात्मक बताया और कहा कि इसमें कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। ट्रंप के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन को पूरी तरह तबाह होते नहीं देखना चाहते।

रूस की ओर से ऊर्जा प्रस्ताव का दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि रूस यूक्रेन को सस्ती ऊर्जा (Energy) और बिजली (Electricity) उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। ट्रंप के मुताबिक, पुतिन ने संकेत दिया है कि अगर शांति समझौता होता है तो यूक्रेन को कम कीमत पर ऊर्जा संसाधन दिए जा सकते हैं। ट्रंप ने इसे यूक्रेन के पुनर्निर्माण (Reconstruction) के लिए एक बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि युद्ध के बाद यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को संभालने में ऐसे प्रस्ताव मददगार साबित हो सकते हैं।
साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर बोले ट्रंप
जेलेंस्की के साथ बैठक के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस (Joint Press Conference) भी की। इस दौरान मीडिया ने उनसे कई तीखे सवाल पूछे। जब एक रिपोर्टर ने पूछा कि क्या रूस की मांग है कि यूक्रेन को डोनबास छोड़ना होगा, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि हां, यह मांग सामने रखी गई है और इसी पर सबसे ज्यादा बातचीत हो रही है। उन्होंने कहा कि यह मामला अभी सुलझना बाकी है लेकिन दिशा सही है।
अधूरे मुद्दों पर ट्रंप की साफ राय
मीडिया के एक अन्य सवाल पर ट्रंप ने कहा कि अभी जो सबसे बड़ा अधूरा मुद्दा है वह जमीन का है। उन्होंने बताया कि कुछ इलाकों पर पहले ही कब्जा हो चुका है और आने वाले महीनों में स्थिति और बदल सकती है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ऐसी स्थिति में अभी समझौता कर लेना ज्यादा समझदारी भरा कदम होगा। उनके मुताबिक, युद्ध को लंबा खींचने से दोनों देशों को और ज्यादा नुकसान होगा।
समझौते की समयसीमा पर संकेत
जब ट्रंप से पूछा गया कि शांति समझौता पूरा होने में कितना समय लग सकता है, तो उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो यह कुछ ही हफ्तों में हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर हालात बिगड़े तो यह संभव नहीं हो पाएगा। ट्रंप ने इसे बेहद दुखद स्थिति बताया और कहा कि इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिर भी उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी।
रूस यूक्रेन की सफलता चाहता है दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि रूस यूक्रेन की सफलता (Success) चाहता है। उन्होंने माना कि यह बात सुनने में अजीब लग सकती है लेकिन उनकी बातचीत के आधार पर यही निष्कर्ष निकलता है। ट्रंप ने कहा कि पुतिन ने यूक्रेन को ऊर्जा, बिजली और अन्य जरूरी संसाधन कम कीमत पर देने की इच्छा जताई है।










