बॉलीवुड की रानी मुखर्जी ने फिल्म इंडस्ट्री में 30 साल पूरे किए। मर्दानी 3 में महिलाओं की ताकत और हिम्मत दिखाएंगी। रानी ने अपने करियर, पुरस्कार और व्यक्तिगत जीवन के अनुभवों पर खुलकर बात की।
Entertainment: बॉलीवुड की दमदार एक्ट्रेस रानी मुखर्जी इस साल फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर के 30 साल पूरे कर रही हैं। 1996 में अपने करियर की शुरुआत करने वाली रानी ने इन तीन दशकों में कई यादगार फिल्में दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने अपने सफर, फिल्मों के अनुभव और व्यक्तिगत जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं पर खुलकर बातचीत की।
रानी मुखर्जी ने बताया कि उनके करियर को लंबा और सफल बनाने में उनके प्रशंसकों का योगदान सबसे अहम रहा है। उन्होंने कहा कि उनके काम की सराहना और दर्शकों का प्यार उन्हें लगातार प्रेरित करता रहा है। हर फिल्म के साथ उन्हें कोशिश रहती है कि वह अपने दर्शकों के लिए ऐसा पात्र लेकर आएं, जो उन्हें प्रेरित करे और खुश करे। यही जुनून उन्हें 30 साल तक इंडस्ट्री में बनाए रख सका।
मर्दानी 3 और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
2025 में रानी मुखर्जी को फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नार्वे’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। इस उपलब्धि के बारे में उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अदिरा ने टीवी पर पुरस्कार समारोह देखा। अदिरा भावुक हो गई थीं क्योंकि वह समारोह में उनके साथ शामिल नहीं हो सकीं। रानी ने कहा कि उनकी बेटी ने वादा किया कि जब भी उन्हें फिर से किसी फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिलेगा, वह उनके साथ आएंगी।

रानी मुखर्जी अब फिल्म ‘मर्दानी 3’ के साथ सिनेमाघरों में धमाल मचाने को तैयार हैं। इस फिल्म में उनका किरदार शिवानी शिवाजी राय महिलाओं की सुरक्षा और अपराध से लड़ते हुए दिखता है। रानी ने कहा कि इस किरदार के जरिए वे समाज में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और उनकी ताकत को पर्दे पर दिखाना चाहती हैं।
करियर के उतार-चढ़ाव
रानी मुखर्जी ने बताया कि उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए। सबसे कठिन समय उनके पिता के निधन का था। इस अनुभव ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने और खुद को संभालने की शिक्षा दी। इसके बाद मां बनने के बाद उन्होंने अपने जीवन में एक नई रानी का अनुभव किया। मां बनकर उन्हें एहसास हुआ कि जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं और खुद को संतुलित रखना कितना महत्वपूर्ण है।
रानी ने कहा कि जीवन के हर टर्निंग प्वाइंट पर इंसान बहुत कुछ सीखता है। बच्चों और परिवार के साथ संतुलन बनाना, करियर की जिम्मेदारियों को निभाना और व्यक्तिगत विकास करना किसी भी महिला के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।
मर्दानी फ्रेंचाइजी
‘मर्दानी 3’ की तैयारी के बारे में रानी ने बताया कि इस फ्रेंचाइजी में हिंसक सीन उतनी क्रूरता से नहीं दिखाए गए हैं, जितनी आजकल की अन्य फिल्मों में देखी जाती हैं। उन्होंने कहा कि फिल्ममेकर अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति के अनुसार कहानी को पेश करते हैं।
रानी ने बताया कि महिलाओं को रोजमर्रा की जिंदगी में भी मर्दानी बनना पड़ता है। घर में, बाहर या यात्रा करते समय महिलाओं को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी अनुभव को ‘मर्दानी’ के किरदार के जरिए पर्दे पर लाया गया है।
फिल्म और कंटेंट

रानी मुखर्जी ने कहा कि आजकल फिल्मों की सफलता कंटेंट और दर्शकों की पसंद पर ज्यादा निर्भर होती है। उनका मानना है कि एक्टर का काम अच्छी कहानी को दर्शकों तक पहुंचाना है। अगर कहानी दर्शकों को पसंद आएगी, तो फिल्म हिट होगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रयास हमेशा अच्छी फिल्म बनाने का होता है।
रानी ने कमर्शियल फिल्मों के साथ-साथ ‘ब्लैक’ और ‘नो वन किल्ड जेसिका’ जैसी नॉन-कॉमर्शियल फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने बताया कि बचपन में झांसी की रानी और मां दुर्गा- मां काली जैसी कहानियों ने उन्हें हमेशा प्रभावित किया। यही ताकत और प्रेरणा उनके किरदारों में झलकती है।
एक कलाकार, मां, पत्नी और बेटी के रूप में संतुलन
रानी ने अपने जीवन में चार भूमिकाओं के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती पर भी बात की। उन्होंने कहा कि किसी एक भूमिका को अधिक महत्व देने पर अन्य जिम्मेदारियां प्रभावित होती हैं। यही चुनौती किसी भी महिला के लिए बड़ी होती है।
रानी ने स्वीकार किया कि अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना एक सतत प्रयास है। उन्होंने बताया कि खुद से सीखना और अपने अनुभवों से आगे बढ़ना हर महिला के लिए जरूरी है।
मर्दानी बनने का अनुभव
रानी मुखर्जी ने कहा कि महिलाओं को जीवन में हर परिस्थिति में मर्दानी बनने की जरूरत पड़ती है। ‘मर्दानी 3’ में उनके किरदार के जरिए यही संदेश लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। यह फिल्म सिर्फ एक एक्शन फिल्म नहीं बल्कि महिलाओं की ताकत, हिम्मत और उनके संघर्ष की कहानी भी है।












