पंजाब सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री महिला-ध्यान सत्कार योजना की घोषणा की। 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये सीधे बैंक खाते में मिलेंगे। अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए राशि 1,500 रुपये तय की गई।
Chandigarh: पंजाब में आम आदमी पार्टी की मान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 2026-27 के बजट में 'मुख्यमंत्री महिला-ध्यान सत्कार योजना' का एलान किया। इस योजना के तहत राज्य की 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इस योजना से राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित होंगी।
योजना का उद्देश्य
'मुख्यमंत्री महिला-ध्यान सत्कार योजना' का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत पेंशनभोगी महिलाएं, विधवा या विकलांग महिलाएं भी लाभ प्राप्त करेंगी। विशेष रूप से अनुसूचित जाति की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाएंगे। योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे बिना किसी आय सीमा या सामाजिक भेदभाव के लागू किया गया है। वित्त मंत्री ने इसे दुनिया की पहली 'यूनिवर्सल कैश ट्रांसफर' स्कीम बताते हुए कहा कि इसका मकसद महिलाओं को उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार के लिए सशक्त बनाना है।
कौन लाभ नहीं ले पाएगा

हालांकि इस योजना में अधिकांश महिलाएं शामिल होंगी, कुछ समूह इससे बाहर रखे गए हैं। वर्तमान और पूर्व सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता परिवार, और वर्तमान या पूर्व सांसद-विधायक इस योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना केवल उन महिलाओं के लिए है जो आम जनता में शामिल हैं और जिनके पास अन्य सरकारी आय स्रोत नहीं हैं।
सरकारी खजाने पर प्रभाव
पंजाब में 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं की संख्या लगभग 1 करोड़ से अधिक है। इस योजना को लागू करने पर सरकार को हर साल करीब 10,000 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। विपक्ष ने इस योजना के समय पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने कहा कि सरकार पिछले चार सालों से इस वादे को टाल रही थी, इसलिए अब उन्हें पिछले 48 महीनों का बकाया भी देना चाहिए। इस मांग को लेकर कांग्रेस की महिला विंग ने विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया।
अन्य राज्यों से तुलना
वित्त मंत्री ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि कई राज्यों में इस तरह की योजनाओं में आय सीमा लागू होने के कारण केवल 20 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिल पाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की योजना पूरी तरह समावेशी है। पंजाब की सभी महिलाएं बिना किसी भेदभाव के इसका लाभ उठा सकती हैं। इससे महिलाएं अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य और निजी विकास पर निवेश कर सकती हैं।












