भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव वाशिंगटन पहुंचे। जी-7 वित्त मंत्रियों की बैठक में उन्होंने खनिज सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी सहयोग पर भारत की भूमिका को मजबूत बनाने पर चर्चा की।
Washington: भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार को वाशिंगटन डीसी पहुंचे। उनका यह दौरा जी-7 देशों की वित्त मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए है। यह बैठक अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की मेजबानी में आयोजित की जा रही है और इसका मुख्य विषय महत्वपूर्ण खनिज (critical minerals) की सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला है।
अश्विनी वैष्णव इस समय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कार्यभार भी संभाल रहे हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वाशिंगटन डीसी पहुंच गया हूं और कल महत्वपूर्ण खनिज संबंधी मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के लिए सुरक्षित महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाएं अत्यंत आवश्यक हैं।
जी-7 और आमंत्रित देशों की भूमिका
इस बैठक में जी-7 देशों के वित्त मंत्री हिस्सा ले रहे हैं। जी-7 देशों में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं, साथ ही यूरोपीय संघ भी बैठक में मौजूद होगा। इसके अलावा, भारत और ऑस्ट्रेलिया सहित कुछ अन्य देशों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
बैठक का उद्देश्य दुनिया भर में खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना और वैश्विक बाजार में किसी एक देश या समूह पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना है। इसके अलावा, बैठक में खनिज उत्पादन, वैश्विक मूल्य स्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला में संभावित खतरों पर भी चर्चा होगी।

अमेरिका में खनिज आपूर्ति को लेकर सुरक्षा चिंताएं
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि विदेशों में खनिज उत्पादन पर अत्यधिक निर्भरता राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गई है। विशेष रूप से चीन जैसे देशों की अग्रणी स्थिति खनिजों के उत्पादन और परिष्करण में अमेरिका के लिए चिंता का विषय है।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, चीन तांबा, लिथियम, निकल, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और कई दुर्लभ खनिजों का अग्रणी शोधक और रिफाइनर है। चीन की औसत बाजार हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत है। यही कारण है कि अमेरिकी प्रशासन इस बैठक को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रख रहा है।
भारत के हित में बैठक
भारत के लिए इस बैठक में भागीदारी विशेष महत्व रखती है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के लिए खनिज सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और अन्य तकनीकी उपकरणों के निर्माण में खनिजों की अहम भूमिका है। सुरक्षित और स्थिर आपूर्ति भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रख सकती है।
बैठक में भारत संभावित निवेश, आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार रखेगा। साथ ही, वैश्विक खनिज बाजार में भारत की भूमिका बढ़ाने और घरेलू उत्पादन को सुरक्षित करने के उपायों पर भी चर्चा होने की संभावना है।











