बहराइच में ‘अति सम्मान’ पड़ा भारी, पुंडरीक गोस्वामी को गार्ड ऑफ ऑनर देने पर जांच

बहराइच में ‘अति सम्मान’ पड़ा भारी, पुंडरीक गोस्वामी को गार्ड ऑफ ऑनर देने पर जांच

बहराइच में कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को पुलिस की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। निजी कार्यक्रम में परेड ग्राउंड के इस्तेमाल और आधिकारिक सम्मान पर सवाल उठे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद डीजीपी ने एसपी से स्पष्टीकरण और जांच रिपोर्ट तलब की है।

Pundrik Goswami Guard of Honor: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक निजी धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यह घटना हाल में सामने आई और वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई। आम तौर पर यह सम्मान संवैधानिक पदों या शहीदों को दिया जाता है, इसलिए एक निजी व्यक्ति को यह सम्मान क्यों दिया गया, इस पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी ने बहराइच एसपी से तत्काल जवाब और विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

गार्ड ऑफ ऑनर पर क्यों मचा बवाल

बहराइच में हुए एक निजी धार्मिक कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने परेड ग्राउंड खोला और पुंडरीक गोस्वामी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। यह सम्मान आमतौर पर संवैधानिक पदों, वरिष्ठ अधिकारियों या शहीदों को दिया जाता है, ऐसे में एक निजी व्यक्ति को यह सम्मान देना नियमों के खिलाफ माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें वायरल होते ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे। इसके बाद पुलिस मुख्यालय हरकत में आया और मामले की जांच के आदेश दिए गए।

कौन हैं पुंडरीक गोस्वामी

पुंडरीक गोस्वामी वृंदावन के जाने-माने युवा कथावाचक हैं। वह सात साल की उम्र से कथा वाचन कर रहे हैं और देश-विदेश में उनके कार्यक्रम होते हैं। उनका जन्म 20 जुलाई 1988 को वृंदावन में हुआ था।
वह प्रसिद्ध संत अतुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज के पौत्र और श्रीभूति कृष्ण गोस्वामी जी महाराज के पुत्र हैं। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और बाद में आध्यात्मिक मार्ग को चुना।

गौड़ीय वैष्णव परंपरा और सामाजिक कार्य

पुंडरीक गोस्वामी का परिवार 38 पीढ़ियों से भागवत कथा से जुड़ा रहा है। वर्तमान में वह श्रीमद माधव-गौडेश्वर पीठम के 38वें आचार्य हैं और गौड़ीय वैष्णव परंपरा का प्रचार कर रहे हैं।
वह श्रीकृष्ण, श्रीमद्भागवत, भगवद गीता और राम कथा पर प्रवचन के साथ युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिए गोपाल क्लब और निमाई पाठशाला जैसे कार्यक्रम भी चला रहे हैं। इसके अलावा निशुल्क चिकित्सा शिविर और शिक्षा जैसे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं।

Leave a comment