बिहार की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है। RJD ने दावा किया है कि BJP मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हटाने की साजिश रच रही है। RLM विवाद और विधायकों की गिनती ने सियासी तनाव बढ़ा दिया है।
Patna: बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने हैं और आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल यानी RJD ने एक बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है। राजद का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी यानी BJP बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कुर्सी से हटाने की पूरी योजना तैयार कर चुकी है। राजद के अनुसार, इस कथित प्लान का असर अब सहयोगी दलों में भी दिखने लगा है और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा यानी RLM में मचा घमासान इसी साजिश का हिस्सा है।
सत्ता और विपक्ष में विधायकों की गिनती का खेल
बिहार में इस समय राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर है। BJP और JDU जहां यह दावा कर रहे हैं कि राजद के 25 विधायक टूटने के कगार पर हैं, वहीं RJD पलटवार करते हुए कह रहा है कि सत्ता पक्ष के 65 विधायक उनके संपर्क में हैं। इस गिनती के खेल ने बिहार की राजनीति को और ज्यादा अस्थिर बना दिया है। हर दिन नए दावे सामने आ रहे हैं और हर पार्टी अपनी मजबूती दिखाने में जुटी है।
RJD का आरोप, CM की कुर्सी हथियाने की साजिश
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने बयान जारी कर कहा है कि RLM में जो कुछ भी हो रहा है, वह सिर्फ आंतरिक कलह नहीं है। उनके अनुसार, यह सब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कुर्सी हथियाने की बड़ी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP अपने सहयोगी दलों को तोड़कर बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती है।
मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के तीन विधायकों को तोड़ने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि BJP धीरे धीरे सभी सहयोगी दलों को कमजोर कर रही है ताकि अंत में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया जा सके।
नीतीश कुमार को हटाने का प्लान तैयार
राजद प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा कि जिस तरह से BJP राजनीतिक खेल खेल रही है, उससे यह साफ है कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने का पूरा प्लान तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि पहले सहयोगी दलों में असंतोष पैदा किया जाएगा, फिर विधायकों को तोड़ा जाएगा और आखिर में BJP अपना मुख्यमंत्री बिहार में बैठाएगी।

राजद का यह भी कहना है कि RLM में चल रहा विवाद इसी रणनीति का हिस्सा है। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में मचे घमासान को लेकर राजद लगातार सवाल उठा रहा है और BJP पर सीधा हमला बोल रहा है।
RLM में क्यों मचा है घमासान
राष्ट्रीय लोक मोर्चा में पिछले कुछ दिनों से अंदरूनी असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी के तीन विधायक नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं। इस नाराजगी की बड़ी वजह उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाना बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, विधायकों का मानना है कि पार्टी में परिवारवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है और उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। इसी नाराजगी के बीच इन विधायकों की कुछ तस्वीरें BJP नेताओं के साथ वायरल हुईं, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।
वायरल तस्वीरों ने बढ़ाया विवाद
RLM के तीन विधायकों की BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद सियासी माहौल और गरमा गया। इन तस्वीरों को लेकर कयास लगाए जाने लगे कि RLM में टूट तय है और BJP पर्दे के पीछे बड़ी चाल चल रही है।
राजद ने इन तस्वीरों को अपनी बात के समर्थन में इस्तेमाल किया और कहा कि यह साफ संकेत है कि BJP सहयोगी दलों को तोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
BJP का पलटवार, आरोपों को किया खारिज
राजद के इन आरोपों पर BJP ने भी पलटवार किया है। BJP प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि RLM में जो कुछ भी हो रहा है, वह उस पार्टी का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि BJP का इससे कोई लेना देना नहीं है और राजद बेवजह अफवाहें फैला रहा है।
BJP का कहना है कि विपक्ष अपनी नाकामी छिपाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रहा है। पार्टी ने साफ किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार स्थिर है और किसी तरह की साजिश जैसी कोई बात नहीं है।
RLM की सफाई, विधायक पार्टी के साथ
वहीं RLM ने भी इन अटकलों को खारिज किया है। RLM प्रवक्ता रामपकुमार सिन्हा ने कहा कि पार्टी के तीनों विधायक पूरी तरह से पार्टी के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने बताया कि उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर आयोजित लिट्टी भोज में विधायकों के शामिल न होने की वजह पूरी तरह व्यक्तिगत थी। RLM ने दावा किया कि पार्टी में कोई टूट नहीं है और सभी विधायक एकजुट हैं। प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को बेवजह तूल दे रहा है।












