सीतापुर में लव मैरिज के बाद दंपत्ति की मौत, जिस पेड़ के निचे शादी हुई उसी पेड़ से लटका मिला शव

सीतापुर में लव मैरिज के बाद दंपत्ति की मौत, जिस पेड़ के निचे शादी हुई उसी पेड़ से लटका मिला शव

सीतापुर के अनियापुर गांव में 22 दिन पहले गुपचुप शादी करने वाले चचेरे भाई-बहन खुशीराम और मोहिनी का शव उसी पेड़ से लटका मिला, जहां उन्होंने शादी की थी। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

Uttar pradesh: सीतापुर जिले के हरगांव थाना क्षेत्र के अनियापुर गांव में रविवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। खुशीराम और मोहिनी का शव गांव के मंदिर के पास पेड़ से एक ही फंदे से लटका हुआ मिला। यह वही मंदिर है, जहां दोनों ने 22 दिन पहले गुपचुप शादी की थी। ग्रामीणों ने शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को नीचे उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

प्रेम और शादी का पूरा मामला

खुशीराम और मोहिनी का अफेयर लगभग तीन साल पुराना था। 6 दिसंबर को दोनों ने गांव के महामाई मंदिर में शादी कर ली थी। शुरुआत में परिवार को इस बारे में पता चला तो वे मौके पर पहुंचे। कई चर्चाओं और मन-मनौव्वल के बाद दोनों परिवारों ने शादी को स्वीकार कर लिया। खुशीराम की भाभी रीता ने बताया कि दोनों काफी खुश थे और सामान्य जीवन जी रहे थे।

हालांकि, मोहिनी और खुशीराम चचेरे भाई-बहन थे, जिससे गांव में शादी की खबर आने के बाद कई लोग हैरान थे। कुछ गांववासी मानते हैं कि परिवार और समाज का दबाव भी उनकी मानसिक स्थिति पर असर डाल सकता है।

आत्महत्या या हत्या

सीओ नेहा त्रिपाठी ने बताया कि शुरुआती जांच में दोनों की आत्महत्या की आशंका है। हालांकि, हत्या के एंगल को भी खारिज नहीं किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि दोनों के पैर जमीन को छू रहे थे और उन्होंने नई रस्सी से फांसी लगाई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

पुलिस का कहना है कि परिजन फिलहाल कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगा रहे हैं। थाने प्रभारी बलवंत शाही ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है।

गांव में चर्चा और मानसिक दबाव

गांव में दो प्रमुख चर्चाएं हैं। पहली यह कि दोनों ने अपनी शादी जरूर कर ली थी, लेकिन परिवार और समाज इसे पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पा रहे थे। इस वजह से वे मानसिक दबाव में आ गए। दूसरी चर्चा यह है कि चचेरे भाई-बहन होने के कारण शादी को सामाजिक स्तर पर भी स्वीकार नहीं किया गया। लोग मानते हैं कि अंत में इसी दबाव और मानसिक तनाव के कारण दोनों ने साथ में सुसाइड किया।

पारिवारिक जानकारी 

मोहिनी ने आठवीं तक पढ़ाई की थी, जबकि खुशीराम ITI कर रहा था और गांव में काम करता था। खुशीराम के पिता की कुछ साल पहले मृत्यु हो चुकी थी। वह अपनी मां, भाई और भाभी के साथ रहता था। मोहिनी की मां मौके पर पहुंची, लेकिन उसके अन्य परिवारिक सदस्य मौजूद नहीं थे। पुलिस ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आएगी।

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