उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की हालिया बैठक को लेकर हलचल तेज है। इस मुद्दे पर पूर्व सांसद और पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने साफ किया कि किसी समाज के लोग आपस में बैठकर चर्चा कर रहे हैं, उसमें कोई गलत बात नहीं है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर काफी चर्चा है। इसी बीच पूर्व WFI अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इसमें कोई गलत बात नहीं है, अगर कोई एक समाज के लोग आपस में बैठक कर अपनी बातें कर रहे हैं तो इसमें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। बृजभूषण शरण सिंह ने यह भी जोड़ा कि कुछ दिन पहले क्षत्रिय समाज के लोगों ने भी बैठक की थी, और इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर प्रतिक्रिया

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, "कुछ दिन पहले क्षत्रिय समाज के लोगों ने भी बैठक की थी। इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अगर ब्राह्मण समाज के लोग आपस में बैठकर बात कर रहे हैं, तो इसमें कोई गलत बात नहीं है। यह लोकतंत्र का हिस्सा है। पूर्व सांसद ने यह भी जोड़ा कि बैठक का उद्देश्य सिर्फ चर्चा करना और रणनीति तय करना है, न कि किसी को बाहर करना। उन्होंने कहा कि समाज विशेष के लोग राजनीति में अपने मुद्दों को उठाने के लिए बैठते हैं, यह पूरी तरह वैध और लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।
बृजभूषण शरण सिंह ने आगामी 2029 लोकसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "अगर हम पिता-पुत्र दोनों जीत कर संसद पहुंचेंगे, तो किसी को कोई दिक्कत है क्या? दोनों लोग चुनाव लड़ेंगे, इसमें दिक्कत क्या है। चुनाव लड़ना जनता का अधिकार है और जीतना जनता की इच्छा पर निर्भर करता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल अयोध्या से चुनाव लड़ने की कोई मंशा नहीं है, लेकिन राजनीति में समय और परिस्थितियों के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा, "मैं अटल जी का भाषण सुन रहा था जिसमें उन्होंने कहा कि मैं राजनीति छोड़ना चाहता हूं, लेकिन राजनीति मुझे छोड़ना नहीं चाहती। मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही है। जनता ही तय करेगी कि हमें कहां से चुनाव लड़ना है।
राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया
पूर्व सांसद ने राहुल गांधी के उस आरोप का भी जवाब दिया जिसमें कहा गया था कि सरकार उनकी लोकेशन पर नजर रखती है। बृजभूषण शरण सिंह ने इसे बेबुनियाद करार दिया और कहा, "आज के सोशल मीडिया और मोबाइल के जमाने में किसी की गतिविधियों पर नजर रखना असंभव है। अगर कोई फोटो या वीडियो भेजता है, तो उसकी जानकारी स्वाभाविक रूप से हो सकती है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी यह समझा जा सकता है।










