भारत में AI से नौकरियों पर तत्काल खतरा नहीं है। IT सचिव के अनुसार, भारत की STEM वर्कफोर्स और कौशल आधारित रोजगार संरचना AI को अपनाकर नई नौकरियां और अवसर पैदा कर सकती है। सरकार और उद्योग मिलकर युवाओं के कौशल विकास पर काम कर रहे हैं।
AI And Jobs: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के असर को लेकर IT सचिव ने साफ किया है कि नौकरियों पर बड़ा खतरा नहीं है। पश्चिमी देशों की तुलना में भारत में तकनीकी और कौशल आधारित रोजगार अधिक हैं, जिससे AI का प्रभाव सीमित रहेगा। STEM वर्कफोर्स और प्रशिक्षित पेशेवर नए AI एप्लिकेशन और तकनीकों को संभालने में अहम भूमिका निभाएंगे। सरकार और उद्योग युवाओं के कौशल विकास पर काम कर रहे हैं, ताकि वे AI के साथ काम करने के लिए तैयार रहें और भविष्य में नई नौकरियों का लाभ उठा सकें।
पश्चिमी देशों के मुकाबले भारत की स्थिति मजबूत
पश्चिमी देशों में AI तेजी से सफेदपोश नौकरियों में बदलाव ला रहा है। वहीं भारत में अधिकतर लोग तकनीकी सेवा और कौशल आधारित कामों से जुड़े हैं, जिनमें इंसानी भूमिका जरूरी है। ऐसे में AI का प्रभाव भारत में सीमित रहेगा और मौजूदा रोजगार संरचना पर तत्काल खतरा नहीं है।
STEM वर्कफोर्स भारत की सबसे बड़ी ताकत है। साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित से जुड़े पेशेवर AI के नए एप्लिकेशन और तकनीकी जरूरतों को संभालने में अहम भूमिका निभाएंगे। यही वर्कफोर्स भविष्य में AI से उत्पन्न नई नौकरियों के लिए तैयार होगी।

AI इंसानों की मददगार बनेगा, जगह नहीं लेगा
सरकार का मानना है कि AI इंसानों की जगह पूरी तरह नहीं लेगा। यह कर्मचारियों के काम को आसान बनाएगा और सहयोगी की तरह काम करेगा, लेकिन अंतिम फैसले और निगरानी की जिम्मेदारी इंसानों के पास ही रहेगी।
AI में अभी कई कमियां हैं, जैसे कभी-कभी गलत जानकारी देना। इस कारण हर सेक्टर में इंसानों की जरूरत बनी रहेगी ताकि AI के काम की जांच और सही निर्णय सुनिश्चित किया जा सके।
नई नौकरियों और कौशल विकास के अवसर
भविष्य में AI से सबसे ज्यादा नई नौकरियां नए एप्लिकेशन, सॉफ्टवेयर और विभिन्न सेक्टरों में इसके इस्तेमाल से पैदा होंगी। इसके लिए प्रशिक्षित और कुशल कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। सरकार युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि वे AI के साथ काम करने के लिए तैयार रहें।










