महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव का बिगुल बजने ही वाला है और उससे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने मराठी भाषी लोगों को गंभीर चेतावनी दी है।
मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बीएमसी चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच रविवार, 23 नवंबर को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने मराठी भाषी लोगों को आगाह करते हुए कहा कि यदि वे सतर्क नहीं रहे तो आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव उनके लिए आखिरी चुनाव साबित हो सकता है। मनसे कोंकण महोत्सव के उद्घाटन समारोह में संबोधित करते हुए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील की।
राज ठाकरे ने अपने संक्षिप्त संदेश में कहा कि यदि मराठी मानुष ने अपनी जागरूकता बनाए नहीं रखी तो इसके परिणाम दूरगामी होंगे और आने वाला बीएमसी चुनाव उनके लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
अगर सतर्क नहीं रहे तो ये आखिरी बीएमसी चुनाव होगा - राज ठाकरे
कार्यक्रम में मंच से संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
'अपनी सतर्कता बनाए रखें, वरना नुकसान तय है। अगर आप सजग नहीं रहे तो आने वाला बीएमसी चुनाव मराठी मानुष के लिए आखिरी चुनाव होगा। इसके परिणाम दूरगामी होंगे।'
उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। राज ठाकरे ने बिना किसी पार्टी का नाम लिए इशारों-इशारों में कहा कि अगर मुंबई मराठी आबादी के हाथ से निकल गई तो 'तबाही' हो सकती है। उन्होंने कहा, एक बार मुंबई हाथ से निकल गई तो हम कुछ नहीं कर पाएंगे। और अगर मुंबई गई, तो ये लोग क्या-क्या कर सकते हैं, आप समझ सकते हैं।

मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर चिंता
राज ठाकरे लंबे समय से मुंबई की मतदाता सूची में कथित विसंगतियों को लेकर आवाज उठाते आ रहे हैं। हाल ही में वे विपक्षी दलों द्वारा आयोजित ‘संयुक्त मार्च’ में भी शामिल हुए थे, जिसमें चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे। कार्यक्रम में उन्होंने फिर से इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा:
'वोटर लिस्ट पर नजर रखो। असली वोटर कौन है और नकली कौन, यह समझना जरूरी है। बेपरवाह रहना अब नुकसानदेह होगा। जिस तरह राजनीति चल रही है, उसमें सतर्कता अनिवार्य है।'
मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और बीएमसी भारत की सबसे समृद्ध नगर निगम मानी जाती है। इसके बजट का आकार कई छोटे राज्यों से भी बड़ा होता है। इसी वजह से बीएमसी चुनाव न सिर्फ राजनीतिक रूप से, बल्कि प्रशासनिक और आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। राज ठाकरे का कहना है कि यदि मराठी भाषी लोग अपनी राजनीतिक शक्ति खो देते हैं, तो मुंबई की पहचान बदल सकती है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा, अगर हम लापरवाह रहे, तो यह शहर हमारे हाथ से निकल जाएगा। और अगर ऐसा हुआ तो आने वाले समय में मराठी मानुष का राजनीतिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
विपक्ष के आरोप और आगामी चुनावी माहौल
महाराष्ट्र के कई विपक्षी दल इस समय चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं। वे दावा कर रहे हैं कि हजारों फर्जी नाम जोड़े गए हैं, जबकि कई वास्तविक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव चल रहे हैं, और जल्द ही बीएमसी चुनावों की घोषणा होने की संभावना है।
ऐसे में मतदाता सूची की पारदर्शिता बड़ा मुद्दा बन चुकी है। राज ठाकरे ने कहा कि मराठी लोगों को अपने वोटिंग अधिकार की रक्षा स्वयं करनी होगी, नही तो राजनीति में उनकी हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम हो जाएगी।










