कानपुर में गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग का बड़ा मामला सामने आया है। प्रशासन और आपूर्ति विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक गैस एजेंसी के मालिक को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान दो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां से बड़ी संख्या में सिलेंडरों के अवैध लेनदेन के संकेत मिले। इस कार्रवाई के बाद करीब 150 बड़ी फैक्ट्रियों में गैस की सप्लाई रोक दी गई है, जिससे कई जगहों पर उत्पादन प्रभावित हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार लंबे समय से सिलेंडरों की कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थीं। जांच में सामने आया कि घरेलू गैस सिलेंडरों को अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग के लिए सप्लाई किया जा रहा था। इसी आधार पर प्रशासन ने योजना बनाकर दो स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज और रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि एजेंसी के माध्यम से बड़ी संख्या में सिलेंडर आसपास की फैक्ट्रियों और कारोबारियों को सप्लाई किए जा रहे थे। इस कारण आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही थी। कार्रवाई के बाद कई औद्योगिक इकाइयों में गैस की सप्लाई अचानक बंद हो गई, जिससे वहां कामकाज पर असर पड़ा है।
गैस की कमी का असर सामाजिक आयोजनों पर भी देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर शादी-ब्याह के कार्यक्रमों में खाना बनाने के लिए गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ऐसे में लोगों को मजबूरी में लकड़ी या अन्य पारंपरिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे आयोजकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन का कहना है कि ब्लैक मार्केटिंग की वजह से आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसलिए इस पूरे नेटवर्क की पहचान करने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल गिरफ्तार एजेंसी मालिक से पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और भी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि आम उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस सिलेंडर की आपूर्ति मिलती रहे और इस तरह की कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।











