दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इजरायल यात्रा को लेकर सवाल उठाए हैं। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि युद्ध के एक दिन पहले पीएम मोदी की यह यात्रा पूरे देश को संकट में डालने वाली साबित हुई।
नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal, जो Aam Aadmi Party के प्रमुख भी हैं, ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की इजरायल यात्रा पर सवाल उठाते हुए आलोचना की है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि युद्ध के एक दिन पहले पीएम मोदी की यह यात्रा पूरे देश को संकट में डालने जैसी स्थिति पैदा कर रही है।
उन्होंने पूछा कि “युद्ध शुरू होने के ठीक एक दिन पहले पीएम मोदी को इजरायल जाने की क्या जरूरत थी?” केजरीवाल का कहना है कि इस कदम से न केवल भारत की सुरक्षा स्थिति पर असर पड़ सकता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देश की स्थिति को चुनौती मिल सकती है।
युद्ध के एक दिन पहले यात्रा पर सवाल
अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
'प्रधानमंत्री मोदी को युद्ध शुरू होने के एक दिन पहले इजरायल जाने की क्या जरूरत थी? ऐसा करके उन्होंने पूरे देश को संकट में डाल दिया है।” केजरीवाल ने यह भी कहा कि भारत की गुटनिरपेक्ष नीति हमेशा सुरक्षित और संतुलित रही है, लेकिन मोदी की यात्रा ने इसे खतरे में डाल दिया।'
केजरीवाल ने सवाल उठाया कि भारत की कोई सीधी भागीदारी न होने के बावजूद प्रधानमंत्री ने क्यों किसी पक्ष का समर्थन किया। उनका कहना था कि किसी भी युद्ध में जब हमारा कोई स्टेक नहीं है, तो भारत को न्यूट्रल यानी तटस्थ रहना चाहिए था।

ईरान और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का मुद्दा
केजरीवाल ने कहा कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज, जो वैश्विक तेल और गैस के परिवहन का अहम मार्ग है, पर ईरान का नियंत्रण है। उन्होंने कहा, ईरान ने यह कहा है कि केवल मित्र देशों के जहाजों को ही आवागमन की अनुमति होगी। ऐसे समय में प्रधानमंत्री का अमेरिका और इजरायल के साथ खड़ा होना देश के लिए जोखिम भरा है।
केजरीवाल ने बताया कि इस कदम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। उन्होंने एलपीजी और पेट्रोलियम सप्लाई पर भी चिंता जताई और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना था कि पीएम मोदी की विदेश यात्रा के कारण घरेलू पेट्रोलियम वितरण और एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
नेतन्याहू को झप्पी देने पर प्रतिक्रिया
अरविंद केजरीवाल ने विशेष रूप से सवाल उठाया कि युद्ध के इतने संवेदनशील समय में इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को झप्पी देने की क्या जरूरत थी। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने इस कदम से पूरी दुनिया में भारत की तटस्थ छवि को खतरे में डाल दिया और देश को भू-राजनीतिक संकट में खड़ा किया।” केजरीवाल का कहना था कि गुटनिरपेक्ष नीति पिछले 75 साल से चली आ रही है और यह भारत के लिए रणनीतिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती रही है। प्रधानमंत्री के इस कदम से यह संतुलन बिगड़ा है।












