देश के 53वें CJI बने जस्टिस सूर्यकांत: कार्यकाल से लेकर संपत्ति तक जानें पूरा विवरण

देश के 53वें CJI बने जस्टिस सूर्यकांत: कार्यकाल से लेकर संपत्ति तक जानें पूरा विवरण

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ले ली। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई।

नई दिल्ली: भारत की न्यायपालिका के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार, 24 नवंबर 2025, को देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India – CJI) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में उन्हें पद की शपथ दिलाई। हाल ही में रिटायर्ड हुए CJI जस्टिस बी.आर. गवई के स्थान पर अब जस्टिस सूर्यकांत देश के सर्वोच्च न्यायिक पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।

जस्टिस सूर्यकांत की नियुक्ति का नोटिफिकेशन केंद्र सरकार के कानून मंत्रालय द्वारा नवंबर 2025 की शुरुआत में जारी किया गया था। उनकी नियुक्ति को भारत की न्याय जगत में अनुभव, ईमानदारी और प्रशासनिक क्षमता की मिसाल माना जा रहा है।

कितने समय तक रहेंगे CJI सूर्यकांत?

जस्टिस सूर्यकांत का कार्यकाल 24 नवंबर 2025 से 9 फरवरी 2027 तक निर्धारित है। इस प्रकार वे लगभग 15 महीने देश के मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहेंगे। भारत में न्यायपालिका की परंपरा के अनुसार CJI का कार्यकाल तय उम्र (65 वर्ष) तक होता है। जस्टिस सूर्यकांत अपने निर्धारित कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण संवैधानिक मामलों, न्यायिक सुधारों और अदालतों के डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में योगदान देंगे, ऐसी उम्मीद की जा रही है।

कौन हैं जस्टिस सूर्यकांत? – पृष्ठभूमि

हरियाणा के हिसार जिले में जन्मे जस्टिस सूर्यकांत ने बेहद साधारण परिवार में पले-बढ़े। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वकालत से की और तेज तर्रार कानूनी समझ के कारण जल्दी ही वरिष्ठ वकील के रूप में पहचान बनाई। बाद में उन्हें न्यायिक कैडर में स्थान मिला और वे क्रमशः—

  • पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में जज
  • हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
  • सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश

जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त हुए। अब वे देश की सर्वोच्च न्यायिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

CJI सूर्यकांत के पास कितनी संपत्ति है?

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सार्वजनिक किए गए आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार जस्टिस सूर्यकांत की संपत्ति पारदर्शी और व्यापक रूप से भारत के अनेक शहरों में फैली हुई है।

1. वाहन

  • जस्टिस सूर्यकांत के नाम कोई निजी वाहन नहीं है।
  • उनकी पत्नी के पास मारुति वैगन-आर है।

2. आवासीय संपत्तियाँ

उनके पास देश भर में कुल छह आवासीय संपत्तियाँ और दो प्लॉट हैं। इनमें प्रमुख शामिल हैं:

  • चंडीगढ़ सेक्टर-10 – एक कनाल का आलीशान घर
  • न्यू चंडीगढ़, इको सिटी-II – 500 वर्ग गज का प्लॉट
  • चंडीगढ़ सेक्टर-18C – 192 वर्ग गज का निवास
  • गुरुग्राम, सुषांत लोक-I – 300 वर्ग गज का प्लॉट
  • गुरुग्राम, DLF-II – 250 वर्ग गज का घर
  • नई दिल्ली, ग्रेटर कैलाश-I – 285 वर्ग गज की संपत्ति (ग्राउंड फ्लोर + बेसमेंट)

इन सभी संपत्तियों का स्वामित्व जस्टिस सूर्यकांत और उनके परिवार के सदस्यों के नाम संयुक्त या व्यक्तिगत रूप से दर्ज है।

3. कृषि भूमि और पैतृक संपत्ति

जस्टिस सूर्यकांत की ग्रामीण और पैतृक संपत्तियाँ भी व्यापक हैं:

  • पंचकुला के गोलपुरा गांव में लगभग 13.5 एकड़ कृषि भूमि
  • हिसार जिले के पेटरवार गांव में 12 एकड़ कृषि भूमि
  • पैतृक घरों में एक-तिहाई हिस्सा – पेटरवार और हिसार अर्बन एस्टेट-II में

ये कृषि और पैतृक संपत्तियाँ उनके परिवार की लंबे समय से चली आ रही विरासत का हिस्सा हैं। जस्टिस सूर्यकांत और सुप्रीम कोर्ट के सभी न्यायाधीशों द्वारा अपनी संपत्ति सार्वजनिक करना भारतीय न्यायपालिका की पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। यह कदम न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास और मजबूत करता है।

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