दिल्ली में ज़हरीली हवा का संकट गहराया: एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार, 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का आदेश

दिल्ली में ज़हरीली हवा का संकट गहराया: एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार, 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का आदेश

दिल्ली और एनसीआर में दीपावली के बाद से जहरीली हो चुकी हवा से लोगों को अब तक कोई राहत नहीं मिली है। राजधानी पर स्मॉग की मोटी परत छाई हुई है, जिससे दृश्यता कम हो गई है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ गए हैं।

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर भयावह स्तर पर पहुंच गया है। दीपावली के बाद लगातार प्रदूषण बढ़ते रहने से राजधानी का आसमान घने स्मॉग से ढका हुआ है, जिसके कारण लोगों के लिए सामान्य रूप से सांस लेना भी कठिन हो गया है। हवा की गुणवत्ता इतनी ख़राब हो चुकी है कि कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 25 नवंबर की सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 363 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी का संकेत देता है। इस खतरनाक प्रदूषण स्तर ने सरकार और प्रशासन को अलर्ट कर दिया है।

सरकार ने जारी किया बड़ा आदेश: 50% कर्मचारी घर से काम करेंगे

बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकारी और निजी कार्यालयों के 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) का आदेश जारी किया है। शेष 50% कर्मचारी दफ्तर जाकर काम करेंगे। यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों और GRAP-III के प्रावधानों के तहत लागू किया गया है। सरकार ने लोगों को बाहर निकलने पर मास्क पहनने, अनावश्यक यात्रा से बचने और अधिक से अधिक समय घर के अंदर रहने की सलाह दी है।

दिल्ली में हालात गंभीर: कई इलाकों में AQI 400+

राजधानी के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है। यह स्थिति विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और श्वसन संबंधी रोगियों के लिए अत्यंत खतरनाक है।

  • आनंद विहार - 402
  • हिणी - 416
  • जहांगीरपुरी वजीरपुर - 400
  • द्वारका - 379
  • चांदनी चौक - 354
  • आईटीओ - 380
  • बवाना - 388
  • बुराड़ी में - 382
  • गाजियाबाद, वसुंधरा - 373
  • नोएडा सेक्टर - 62 - 352
  • गुरुग्राम सेक्टर-51 - 338

यह आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली-एनसीआर के लगभग सभी हिस्से बेहद प्रदूषित हैं और हवा की गुणवत्ता स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। जैसे-जैसे AQI बढ़ रहा है, अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ़, गले में जलन, सिरदर्द, एलर्जी और आंखों में इरिटेशन की शिकायतें भी बढ़ रही हैं।स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि: लगातार प्रदूषण के संपर्क में रहना अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ाता है।

Leave a comment