दिल्ली में वायु प्रदूषण पर सख्त कार्रवाई, रेखा गुप्ता सरकार ने तैयार किया ब्लू प्रिंट

दिल्ली में वायु प्रदूषण पर सख्त कार्रवाई, रेखा गुप्ता सरकार ने तैयार किया ब्लू प्रिंट

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में दिल्ली सरकार के मंत्री, मुख्य सचिव, डी.डी.ए., दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, उद्योग और परिवहन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। 

नई दिल्ली: दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों और सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ वायु प्रदूषण कम करने के लिए विस्तृत ब्लू प्रिंट पर समीक्षा की। इस योजना का लक्ष्य आने वाले चार सालों में PM 2.5 स्तर में स्पष्ट कमी लाना है।

बैठक में मुख्य सचिव, दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA), दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, पर्यावरण विभाग, उद्योग एवं परिवहन विभाग सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा कि योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

केंद्र सरकार का समर्थन

रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए सरकार 12 महीने और सात दिन लगातार काम करेगी। इस प्रयास में केंद्र सरकार का मार्गदर्शन और सहयोग भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार की रणनीति अल्पकालीन और दीर्घकालीन दोनों स्तर पर तैयार की गई है।दिल्ली सरकार ने अगले चार साल में 14,000 नई बसों को शहर में चलाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत:

  • 31 दिसंबर 2026 तक 6,000 बसें
  • 31 दिसंबर 2027 तक 7,500 बसें
  • 31 मार्च 2028 तक 10,400 बसें
  • 31 मार्च 2029 तक 14,000 बसें

500 बसें ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ के लिए मेट्रो नेटवर्क से जोड़ी जाएंगी। इसके अलावा, 31 जनवरी 2026 तक 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर ई-ऑटो, बाइक टैक्सी और फीडर कैब पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी है। ईवी पॉलिसी 2.0 के तहत दिल्ली के 58 लाख दोपहिया वाहनों को टारगेट किया गया है। इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को सब्सिडी और स्क्रैपिंग प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। पब्लिक चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग पॉइंट्स की संख्या 9,000 से बढ़ाकर 36,000 करने का लक्ष्य रखा गया है।

सड़क सुधार और मशीनों का इस्तेमाल

दिल्ली में 3,300 किमी सड़क सुधार के लिए 6,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सड़क किनारों और सेंट्रल वर्ज का पक्कीकरण और हरियाली सुनिश्चित की जाएगी। भूमिगत यूटिलिटी डक्ट्स का निर्माण करके बार-बार सड़क काटने की समस्या को रोका जाएगा। सड़कों की सफाई के लिए 76 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें (MRSM) तैनात हैं, 31 जनवरी 2026 तक और 14 मशीनें जोड़ी जाएंगी। 60 फीट से कम चौड़ी सड़कों के लिए 70 अतिरिक्त मशीनों की तैनाती होगी।

पीडब्ल्यूडी की योजना के तहत 70 MRSM मशीनों, 140 लिटर पिकर, डस्ट डंपर और वॉटर टैंकर तैनात किए जाएंगे, जिस पर 2,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

लैंडफिल साइटों और औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण

  • ओखला लैंडफिल: जुलाई 2026 तक
  • भलस्वा लैंडफिल: अक्टूबर 2026 तक
  • गाजीपुर लैंडफिल: दिसंबर 2027 तक

अब तक 1,000 से अधिक प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को सील किया जा चुका है। बड़े उद्योगों को ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

हरियाली और पौधरोपण

अगले चार साल में दिल्ली रिज क्षेत्र में 35 लाख पेड़ लगाए जाएंगे, जिनमें से 14 लाख इसी साल लगाए जाएंगे। 365 एकड़ ‘ब्राउन पार्क’ क्षेत्रों का विकास भी किया जाएगा। भीड़भाड़ वाले इलाकों में मल्टी-लेवल पार्किंग और स्मार्ट प्राइसिंग लागू की जाएगी। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की निगरानी के लिए एंट्री पॉइंट्स पर ANPR सिस्टम लगाए जाएंगे।

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