राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर (नेशनल कैपिटल रीजन) में एक बार फिर जहरीले स्मॉग की चादर छा गई है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर में कोहरे और स्मॉग की मोटी परत जमी हुई है, जिससे एयर क्वालिटी लगातार ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह सात बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।
राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर बनी हुई है, जिनमें आनंद विहार में 318, अलीपुर में 284, बवाना में 343, बुराड़ी में 312, चांदनी चौक में 331, द्वारका में 324, दिल्ली एयरपोर्ट के आसपास 257, आईटीओ में 304, जहांगीरपुरी में 342, रोहिणी में 343, विवेक विहार में 319, आरकेपुरम में 343, नरेला में 302 और मुंडका में 340 एक्यूआई दर्ज किया गया।
दिल्ली के कई इलाकों में हवा ‘खतरनाक’
राजधानी के अनेक हिस्सों में वायु गुणवत्ता लंबे समय से बिगड़ी हुई है। आनंद विहार में AQI 318, बवाना में 343, जहांगीरपुरी में 342, रोहिणी में 343, आरकेपुरम में 343 और मुंडका में 340 रिकॉर्ड किया गया है। इसी तरह चांदनी चौक में 331, द्वारका में 324, विवेक विहार में 319, बुराड़ी में 312, आईटीओ में 304 और नरेला में 302 AQI दर्ज हुआ। दिल्ली एयरपोर्ट क्षेत्र में यह आंकड़ा 257 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
इससे पहले बुधवार को 24 घंटे का औसत AQI 342 दर्ज किया गया था, जिससे साफ है कि प्रदूषण लगातार गंभीर बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडी हवाओं की कमी, पराली जलाने, वाहनों से निकलने वाले धुएं और निर्माण गतिविधियों के कारण स्मॉग की स्थिति और गंभीर हो गई है।
एनसीआर के शहरों में भी प्रदूषण की मार
दिल्ली के आसपास के एनसीआर शहरों की स्थिति भी कुछ खास बेहतर नहीं है। नोएडा के सेक्टर-62 में AQI 265 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में AQI 355 और इंदिरापुरम में 291 रिकॉर्ड किया गया। गुरुग्राम के सेक्टर-51 में 210 और विकास सदन इलाके में 239 AQI रहा।
हालांकि, एनसीआर के अन्य शहरों की तुलना में फरीदाबाद की स्थिति कुछ बेहतर नजर आई। फरीदाबाद के सेक्टर-30 में AQI 198 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है और पूरे एनसीआर में सबसे कम प्रदूषित इलाकों में शामिल है।
AQI श्रेणियों का मतलब क्या है?
CPCB द्वारा तय मानकों के अनुसार:
- 0 से 50: अच्छा
- 51 से 100: संतोषजनक
- 101 से 200: मध्यम
- 201 से 300: खराब
- 301 से 400: बहुत खराब
- 401 से 500: गंभीर
300 से ऊपर का AQI गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या दिल के मरीजों के लिए।
कहां कितना है एक्यूआई?
| इलाका | एक्यूआई |
|---|---|
| आनंद विहार | 318 |
| अलीपुर | 284 |
| बवाना | 343 |
| बुराड़ी | 312 |
| चांदनी चौक | 331 |
| द्वारका | 324 |
| दिल्ली एयरपोर्ट | 257 |
| आईटीओ | 304 |
| जहांगीरपुरी | 342 |
| रोहिणी | 343 |
| विवेक विहार | 319 |
| आरकेपुरम | 343 |
| नरेला | 302 |
| मुंडका | 340 |
| नोएडा सेक्टर-62 | 265 |
| गाजियाबाद, वसुंधरा | 355 |
| इंदिरापुरम | 291 |
| गुरुग्राम सेक्टर-51 | 210 |
| विकास सदन | 239 |
| फरीदाबाद सेक्टर-30 | 198 |
डॉक्टरों का कहना है कि इतनी खराब हवा में सांस लेने से आंखों में जलन, गले में खराश, सांस की तकलीफ, खांसी और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ सकती हैं। लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से हृदय रोग, ब्रेन स्ट्रोक और क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिजीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।












