एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति पर सरकार का अलर्ट, पीएम ने अफवाह फैलाने वालों को चेताया

एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति पर सरकार का अलर्ट, पीएम ने अफवाह फैलाने वालों को चेताया

PM नरेंद्र मोदी ने एलपीजी सिलेंडर आपूर्ति सुरक्षित होने की बात कही। सरकार ने अफवाह फैलाने और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी चेतावनी दी, प्रशासन ने आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी और नियंत्रण कक्ष को मजबूत किया।

New Delhi: देश में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर बढ़ती आशंकाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह के दुष्प्रचार और घबराहट फैलाने की कोशिशों का आक्रामक तरीके से जवाब दिया जाए। प्रधानमंत्री ने साफ किया कि घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी संकट से निपटने के लिए सरकार पहले से ही व्यापक तैयारियों के साथ खड़ी है।

मंत्रिमंडल बैठक में दिए गए निर्देश

सूत्रों के अनुसार मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि कुछ लोग एलपीजी आपूर्ति को लेकर अनावश्यक घबराहट फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया सहित हर मंच पर विपक्षी दुष्प्रचार का तुरंत और तथ्यात्मक जवाब दिया जाना चाहिए। 

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण दुनिया के कई देशों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन भारत की तैयारियां मजबूत हैं और देश में एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित है।

प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम

केंद्र सरकार ने एलपीजी आपूर्ति की निगरानी के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाए हैं। गृह सचिव गोविंद मोहन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों तथा पुलिस महानिदेशकों के साथ बैठक कर पूरे देश में एलपीजी की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

आपूर्ति श्रृंखला पर निगरानी

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला—बोटलिंग प्लांट, वितरण नेटवर्क और परिवहन व्यवस्था—पर कड़ी निगरानी रखी जाए। रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया। होटल और रेस्तरां जैसी वाणिज्यिक संस्थाओं को आपूर्ति पर नियंत्रण लागू किया गया है, ताकि घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध रहे।

आपातकालीन नियंत्रण कक्ष

गृह मंत्रालय ने चौबीस घंटे सक्रिय नियंत्रण कक्ष को और मजबूत किया है। इसमें सूचना और प्रसारण मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के नोडल अधिकारी भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य राज्यों के साथ बेहतर समन्वय, वास्तविक समय में स्थिति स्पष्ट करना और किसी भी गड़बड़ी या अफवाह पर तुरंत कार्रवाई करना है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

वहीं विपक्ष सरकार पर हमलावर बना हुआ है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने के आरोप के साथ सोशल मीडिया और संसद परिसर में प्रदर्शन किया। विपक्ष का कहना है कि कई शहरों में सिलेंडर की आपूर्ति में बाधा आ रही है और जनता लंबी कतारों में खड़ी है। सरकार ने इस पर कहा कि विपक्ष जानबूझकर भय और भ्रम का माहौल बना रहा है।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी चेतावनी

सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति या गिरोह एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी या कालाबाजारी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत यह अपराध गंभीर माना जाता है। दोषी पाए जाने पर तीन महीने से सात वर्ष तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। प्रशासन के पास सिलेंडर जब्त करने का अधिकार भी है।

जनता से अपील

सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे अनावश्यक घबराहट में सिलेंडर जमा न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। एलपीजी आपूर्ति को लेकर फैली सियासी जंग के बीच यह महत्वपूर्ण है कि नागरिक स्थिति को समझें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

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