गुजरात के भावनगर में मेडिकल कॉम्प्लेक्स में लगी आग, दर्जनों मरीजों को रेस्क्यू कर निकाला बाहर

गुजरात के भावनगर में मेडिकल कॉम्प्लेक्स में लगी आग, दर्जनों मरीजों को रेस्क्यू कर निकाला बाहर

भावनगर के कालू नाला स्थित कॉम्प्लेक्स की पैथोलॉजी लैब में सोमवार सुबह आग लग गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों ने तुरंत रेस्क्यू चलाया और सभी मरीजों व स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

Bhavnagar: गुजरात के भावनगर में सोमवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया जब काला नाला इलाके में स्थित एक कॉम्प्लेक्स की पैथोलॉजी लैब में अचानक आग लग गई। यह कॉम्प्लेक्स कालूभर रोड पर स्थित है जहां लगभग 10 से 15 अस्पताल, क्लीनिक, दुकानों और ऑफिस का संचालन होता है। सुबह लगभग 9 बजे उठी आग की लपटों ने पूरे परिसर में अफरा-तफरी मचा दी। 

लेकिन राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों, अस्पताल स्टाफ और फायर ब्रिगेड ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी मरीजों और मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आग पर अब पूरी तरह नियंत्रण पाया जा चुका है।

आग लगने की शुरुआती स्थिति

सुबह के समय अस्पतालों और लैब में मरीजों और स्टाफ की मौजूदगी अधिक होती है। इसी बीच कॉम्प्लेक्स की पैथोलॉजी लैब से धुआं उठता दिखा जिसने देखते ही देखते आग का रूप ले लिया। धुआं और आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत अलर्ट किया। लपटें ऊपर तक दिखाई दे रही थीं जिससे आसपास के दुकानदारों और आम लोगों में भी दहशत फैल गई। कॉम्प्लेक्स में कई अस्पताल और क्लीनिक होने के कारण घबराहट बढ़ गई लेकिन स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए सभी को बाहर निकालने में मदद शुरू कर दी।

रेस्क्यू ऑपरेशन की शुरुआत

घटना का पता चलते ही स्थानीय युवा, अस्पताल स्टाफ और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों को संभालकर बाहर निकाला। कई अस्पतालों में भर्ती मरीज बेड पर थे, जिनमें से कुछ गंभीर स्थिति में भी थे। लेकिन उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आपातकालीन निकासी शुरू की गई।

अस्पताल के स्टाफ ने ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों को भी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया। इस दौरान भीड़ बढ़ने के बावजूद रेस्क्यू को व्यवस्थित ढंग से चलाया गया।

दमकल विभाग की कार्रवाई

आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड ने तीन दमकल गाड़ियां मौके पर रवाना कीं। फायर फाइटर्स ने कॉम्प्लेक्स के मुख्य हिस्से को सुरक्षित करते हुए आग बुझाने का काम शुरू किया। आग को नियंत्रित करने में समय लगा क्योंकि भीतर कई छोटे-छोटे केबिन, लैब उपकरण और बिजली के कनेक्शन मौजूद थे जिनमें आग तेजी से फैल सकती थी। टीम ने आग के केंद्र को पहचानकर वॉटर सप्लाई और फोम की मदद से लपटों पर काबू पाया। कुछ ही देर में आग को सीमित क्षेत्र में रोक लिया गया।

कोई हताहत नहीं

सबसे बड़ी राहत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत या घायल नहीं हुआ। सभी मरीजों, स्टाफ, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय समुदाय ने अहम भूमिका निभाई जिसने पुलिस और फायर विभाग को बड़ी मदद दी। आग बुझने के बाद दमकल कर्मियों ने पूरे परिसर में कूलिंग का काम किया ताकि आग दोबारा न भड़के।

जिला प्रशासन का बयान

भावनगर के कलेक्टर मनीष बंसल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कॉम्प्लेक्स में 10 से 15 अस्पताल मौजूद हैं जहां आग लगने से भारी अफरा-तफरी मच गई थी। लेकिन प्रशासन, दमकल विभाग, एम्बुलेंस टीम और पुलिस ने मिलकर तेजी से स्थिति को कंट्रोल किया। उन्होंने बताया कि आग सुबह लगभग 9 बजे भड़की थी और टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। तेजी से किए गए रेस्क्यू की वजह से किसी की जान नहीं गई।

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